सिद्धार्थनगर, संवाददाता : लगातार बारिश के बीच नेपाल में नदियों में उफान का खतरा बढ़ गया है। हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने 17 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। लुंबिनी के कपिलवस्तु, रूपनदेही, नवलपरासी, पाल्पा, गुल्मी और गंडकी के लामजुंग, कास्की, मनांग, मुस्तांग सहित जिलों में छोटी नदियों में अचानक बाढ़ का ज्यादा खतरा है। लगातार बारिश के बीच नेपाल में रविवार को नदियों और झरनों का बहाव बढ़ने की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के तहत बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने देशभर में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने बताया कि काठमांडू घाटी के तीनों जिलों समेत देश के 34 से अधिक जिलों, मधेस और घाटी के बाहर के पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ का थोड़ा खतरा है। वहीं गंडकी और लुंबिनी प्रांत के अधिकांश जिलों तथा बागमती के कुछ जिलों में बहने वाली छोटी नदियों में अचानक बाढ़ का खतरा अधिक है। सबसे ज्यादा खतरे वाले 17 जिलों में गंडकी प्रांत के लामजुंग, कास्की, मनांग, मुस्तांग, म्यागदी, बागलुंग, पर्वत, तनहुन और स्यांगजा तथा लुंबिनी के रूपनदेही, कपिलवस्तु, नवलपरासी पूर्व-पश्चिम, पाल्पा और गुल्मी शामिल हैं सबसे ज्यादा खतरे वाले 17 जिलों में गंडकी प्रांत के लामजुंग, कास्की, मनांग, मुस्तांग, म्यागदी, बागलुंग, पर्वत, तनहुन और स्यांगजा तथा लुंबिनी के रूपनदेही, कपिलवस्तु, नवलपरासी पूर्व-पश्चिम, पाल्पा और गुल्मी शामिल हैं। चितवन में भी छोटी नदियों के उफान को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। विभाग के अनुसार कोशी, नारायणी और उनकी सहायक नदियों में जलस्तर कई स्थानों पर अलर्ट लेवल से ऊपर पहुंच चुका है। नारायणी की बूढ़ीगंडकी, मर्स्यांगडी, सेती, माडी, बादीगाड और कालीगंडकी नदियों में पानी का बहाव तेजी से बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों, यात्रियों और निचले इलाकों में बसे परिवारों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Post navigation लारेंस बिश्नोई गैंग के एक और सदस्य पिस्टल के साथ गिरफ्तार भैयाजी से कहकर IAS बनवा दूंगा, महिला को मैसेज भेजने वाला सपा नेता गिरफ्तार