जाैनपुर, संवाददाता : जौनपुर में एशियाड कांस्य पदक विजेता रोहित यादव के घर तक ग्रामीणों ने खुद रास्ता तैयार किया। रास्ते के लिए किसानो ने अपनी जमीन दी, जबकि रोहित के पिता ने मिट्टी डलवाई। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रमदान कर रास्ते को तैयार किया। ग्रामीणों के इस प्रयास से अब रोहित के घर तक आवागमन आसान हो गया है। जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल (एशियाड) में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव के घर तक पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता ग्रामीणों ने खुद तैयार किया है। कल तक यहां पगडंडी थी। रास्ता बनने के बाद अब दोपहिया और चार पहिया वाहन उनके घर तक पहुंच सकते हैं। भुवनेश्वर में शानदार प्रदर्शन करके देश के नंबर एक थ्रोअर बनने की खबर के दौरान मीडिया ने उनके घर तक जाने के लिए रास्ता नहीं होने की समस्या को प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। राजस्व टीम ने पैमाइश करके उपलब्ध कराई थी जमीनइसके बाद राजस्व टीम ने सरकारी जमीन और आसपास के काश्तकारों की सहमति से रास्ते के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। बरसात शुरू होने से पहले रोहित के पिता सभाजीत यादव ने मिट्टी डलवाकर रास्ते की नींव तैयार कराई थी। बारिश के दौरान जलभराव होने के कारण रास्ता जगह-जगह उबड़-खाबड़ हो गया था। एशियन गेम्स में रोहित के कांस्य पदक जीतने के बाद अदारी डभिया स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों की आवाजाही बढ़ गई है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों के आने का क्रम चल रहा है जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों के आने का क्रम चल रहा है। यह देख ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। गांव के रामआसरे यादव, रणजीत यादव और अर्जुन यादव सहित अन्य लोगों ने रास्ते को समतल किया है। ग्रामीणों को जनप्रतिनिधियों के उस वादे के पूरा होने का इंतजार है, जिसमें रोहित के घर तक पक्की सड़क बनवाने की बात कही गई थी। रोहित आज पहुंचेंगे गांव, होगा सम्मानमीरगंज। जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में जेवलिन थ्रो में कांस्य पदक जीतने के बाद रोहित यादव शुक्रवार को अपने गांव पहुंचेंगे। नागोया से भारत लौटने के बाद वे सुबह सात बजे वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बाबतपुर पहुंचेंगे। यहां से वे अपने गांव अदारी डभिया के लिए रवाना होंगे। उनके स्वागत के लिए खेल प्रेमियों ने तैयारियां की हैं। रोहित सुबह करीब 10 बजे मियांचक बाजार पहुंचेंगे। वहां उनका स्वागत करने के बाद विजय जुलूस निकाला जाएगा। उनके आगमन पर मीरगंज और मछलीशहर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। बरसात से पहले रोहित के पिता ने कच्ची सड़क पर मिट्टी डलवाई थी। फिर भी रास्ता आने-जाने लायक नहीं था। बृहस्पतिवार को मजदूरों के साथ ग्रामीणों ने खुद से कच्चा रास्ता बना दिया। अब जेवलिंग थ्रोवर रोहित यादव के घर तक लोग बाइक और कार से पहुंच सकेंगे। – रणजीत यादव, ग्रामीण राजस्व टीम ने कुछ सरकारी जमीन और कुछ स्थानीय काश्तकारों की सहमति से उनकी जमीन दिलवाई थी। बरसात बाद ग्रामीणों ने रास्ते को आने-जाने लायक बना दिया है। इंतजार है कि जनप्रतिनिधि पक्की सड़क या इंटरलॉकिंग कब बनवाते हैं। – सभाजीत यादव, रोहित के पिता Post navigation विपरीत दिशा, बिना हेलमेट बुलेट चलाने पर 13 हजार का हुआ चालान ट्रेन में युवक के पास से मिली 500 के नोटों की 86 गड्डियां, मुजफ्फरपुर से दिल्ली ले जा रहा था