Kalli-Gurjar-Dacoit-Active-in-Chambal

ग्वालियर, संवाददाता : ग्वालियर-चंबल अंचल में लंबे समय बाद डकैतों की आहट से पुलिस परेशान है। डकैत कल्ली गुर्जर ग्वालियर और मुरैना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। दोनों ही जिलों के जंगलों में उसकी मूवमेंट है। हद तो तब हो गई- जब उसने इंस्टाग्राम पर फाइरिंग करते हुए लाइव वीडियो अपलोड कर दिया।

पुलिस को खुली चुनौती दी है। इसके बाद ग्वालियर पुलिस जंगलों में उतर गई है। ग्वालियर पुलिस की एक टीम ने इस वीडियो के सामने आने के बाद जंगल में सर्चिंग तो की, लेकिन कल्ली गुर्जर के बारे में सुराग नहीं मिला है।

तिघरा में गर्भवती का अपहरण

  • डकैत कल्ली गुर्जर पिछले करीब एक साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इससे पहले वह फरार तो था, लेकिन वारदात नहीं की थीं। कल्ली ने अपने साथी योगी गुर्जर के साथ पिछले साल आठ अक्टूबर को ग्वालियर के तिघरा स्थित गुर्जा गांव में जमकर गोलीबारी की थी। फिर यह गैंग नौ माह की गर्भवती अंजू गुर्जर को अगवा कर ले गई थी। लंका पहाड़ के पास अंजू गुर्जर को गैंग छोड़कर भाग गई थी।
  • डकैत योगी गुर्जर ने सुनियोजित ढंग से धौलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। कल्ली गुर्जर तभी से फरार चल रहा है। तिघरा में वारदात करने के बाद उसने हाल ही में घाटीगांव में पुलिस को खुली चुनौती दी। यहां हाइवे पर ट्रक चालक से टैरर टैक्स मांगा था। इसके बाद गोलियां भी चलाई थीं। तब से वह ग्वालियर से फरार था। पुलिस घेराबंदी नहीं कर पाई। इसके बाद मुरैना में गोलीबारी की और पुलिस की मुखबिरी के शक में हमला किया। यहां भी उसे पकड़ा नहीं जा सका।

इंटरनेट मीडिया पर रील

  • पुलिस को नहीं मिल रही लोकेशन: कल्ली गुर्जर इंस्टाग्राम पर लगातार एक्टिव है। वह लगातार रील डाल रहा है। साक्षात्कार भी दिया लेकिन पुलिस को उसकी लोकेशन नहीं मिल रही। ग्वालियर और मुरैना पुलिस उसे ढूंढने में नाकाम हैं। उस पर मुरैना पुलिस अधीक्षक द्वारा इनाम राशि भी बढ़ा दी गई है।
  • महेश्वरा मंदिर पर पहुंच गोलियां चलाई: कल्ली गुर्जर का एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई है। वह फोन पर किसी से बात कर रहा है। महेश्वरा मंदिर का जिक्र कर रहा है। बताया गया है कि यह मंदिर तिघरा से सटा हुआ है। ग्वालियर-मुरैना बार्डर पर है। यहां वह फोन पर किसी को धमका रहा है। फिर आटोमैटिक माउजर से गोलियां चलाता है। यह भी लाइव है। इसके बाद ग्वालियर पुलिस सक्रिय हुई और घाटीगांव-तिघरा से सटे जंगलों में सर्चिंग की। राई, निरपतपुरा में उसके ठिकाने रहे हैं। जहां सर्चिंग की गई।