नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को पटना में एक सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के लिए ऐसी अमर्यादित टिप्पणी कर डाली, जो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक रिश्तों में और कड़वाहट घोलने वाली साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सत्ता से तो मोदी का बाप भी जाएगा। खरगे की इस टिप्पणी पर बिफरी भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे सारी मर्यादाएं तार-तार करने वाला बताया, तो भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन इसे कांग्रेस का वैचारिक दिवालियापन करार दिया। पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इस मुद्दे पर कांग्रेस को आईना दिखाने का प्रयास किया। बिहार भाजपा कार्यसमिति के एक सदस्य कृष्ण कुमार ने इस टिप्पणी को लेकर खरगे के विरुद्ध पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही भाजपा ने सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। खरगे रविवार को बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए पटना में थे खरगे रविवार को बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए पटना में थे। राज्य ब्यूरो के अनुसार, खरगे ने अपने संबोधन के दौरान जब कहा कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों में शामिल लोगों को जेल भेजेगी, तो सभा में मौजूद एक कार्यकर्ता (जिसका नाम संतोष कुमार बताया जा रहा है) ने कहा कि मोदी बिना बगावत के नहीं जाएंगे। लेकिन खरगे तक सिर्फ इतनी ही बात पहुंची कि मोदी नहीं जाएंगे। इसके बाद तमतमाए खरगे ने तत्काल मंच से जवाब दिया, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ मीडिया के अनुसार, उन्होंने इस वाक्य को तीन बार दोहराया। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस कार्यकर्ता को पीटकर जमीन पर गिरा दिया, फिर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया। खरगे की से टिप्पणी चढ़ा राजनीतिक पारा खरगे की इस टिप्पणी के बाद तुरंत राजनीतिक पारा चढ़ गया। जागरण ब्यूरो के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।’ ‘यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें मौत का सौदागर कहा, तो कभी चायवाला कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया।’ कांग्रेस हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही- शाह शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है। बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस में हताशा एवं निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न तो कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है। जब-जब इन्होंने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। कांग्रेस का वैचारिक दिवालियापन : नितिन नवीन भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘आज पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है। राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंच से दिवंगत परिजनों को भाषणों में घसीटना ही अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का असली संस्कार बन चुका है।’ उन्होंने कहा कि यह खरगे का व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की शिष्टाचार विहीन सोच का प्रकटीकरण है। जब विपक्ष के पास देश के विकास, नीतियों और जन-कल्याणकारी योजनाओं पर बहस करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तो वे इस तरह की हताशा और व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेते हैं। देश की जनता इस ओछी राजनीति को बहुत करीब से देख रही है और सही समय आने पर इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची स्तरहीन राजनीति : राजनाथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खरगे की टिप्पणी से वह आहत और स्तब्ध हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि अभी तक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते थे, उनकी मां के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। आज वही स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। जब किसी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही भाषा की मर्यादा भूल जाए, तो उसके कार्यकर्ताओं से शालीनता की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। यह उसकी हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है। पार्टी वैचारिक एवं नैतिक रूप से दिवालिया हो चुकी है। राजनाथ ने नसीहत दी कि लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए। नफरत की राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीत सकते : नड्डा भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस को समझना होगा कि नफरत और अपमान की राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि खरगे और राहुल अपशब्द का उपयोग करने के लिए अविलंब माफी मांगें। प्रेट्र के अनुसार, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध खरगे की टिप्पणी शर्मनाक, अमर्यादित व ओछी थी और उन्होंने सोनिया गांधी व राहुल गांधी दोनों की ओर से माफी की मांग की। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि उनकी पार्टी खरगे के बयानों की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के आचरण, चरित्र या दृष्टिकोण में किसी बड़े बदलाव की बहुत कम उम्मीद है।” केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार सभ्यता का उद्गम स्थल है। बिहार की धरती से प्रधानमंत्री के विरुद्ध कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना और पद की गरिमा का सम्मान करना जरूरी है। Post navigation शरद पूर्णिमा पर बिखरी दूधिया रोशनी दीप्ति-हरमनप्रीत के सेंचुरी से जीता भारत, जिंबाब्वे को दूसरे वनडे में हराया