कानपुर, संवाददाता : Kanpur News: नजीराबाद थाने में एसीजीएम प्रथम के आदेश पर शहर के चर्चित बिल्डर अनूप अस्थाना, उनके बेटे सुयश अस्थाना और पूर्णिमा दीक्षित समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित कारोबारी प्रणव पत सिंघानिया का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें चिट्टा व अन्य नशीले पदार्थ देकर बंधक बनाया और उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर 30 करोड़ रुपये कीमत की पैतृक संपत्ति महज 6.21 करोड़ रुपये में पूर्णिमा दीक्षित के नाम करा ली। कानपुर के नामचीन बिल्डर अनूप अस्थाना और उसके बेटे सुयश अस्थाना समेत 10 लोगों के खिलाफ कारोबारी प्रणव पत सिंघानिया ने नजीराबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि नशीले पदार्थ देकर उसकी निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित की गई। इसके बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया और करीब 30 करोड़ रुपये कीमत की पैतृक संपत्ति महज 6.21 करोड़ रुपये में पूर्णिमा दीक्षित के नाम बैनामा करा दी गई। इतना ही नहीं, उसके बैंक खाते से भी करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। आपराधिक धमकी और किसी व्यक्ति को बंधक बनाकर रखने समेत संबंधित धाराओं में अदालत के आदेश पर 29 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। राधा कुंज, कालपी रोड निवासी प्रणव के मुताबिक, वर्ष 2024 की शुरुआत से अनूप अस्थाना और उसके बेटे सुयश ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति का फायदा उठाना शुरू किया। महेंद्र अस्पताल में करीब एक महीने भर्ती रहना पड़ा सुयश उसे चिट्टा समेत अन्य नशीले पदार्थ उपलब्ध कराता था। इनकी व्यवस्था सोनू पंडित के माध्यम से होती थी। जुलाई 2024 से उसे होटल रीजेंटा में रखा गया, जहां उसके आवागमन और परिवार व परिचितों से मिलने-जुलने पर नियंत्रण रखा जाता था। फरवरी 2026 में हालत बिगड़ने पर उसे महेंद्र अस्पताल में करीब एक महीने भर्ती रहना पड़ा। आरोप है कि इसी दौरान उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, चेकबुक और मोबाइल फोन समेत निजी अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए गए। तीन बार नशीला पदार्थ दिया गया थाअरुण कुमार वर्मा ने उससे कोरे चेक, स्टांप और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। पांच जून 2024 को कोपरगंज स्थित उसके गोदामों का विक्रय अनुबंध भी कराया गया, लेकिन इसके बदले उसे कोई वास्तविक आर्थिक लाभ नहीं मिला। आरोप है कि 26 मई 2025 को प्रणव के पैतृक आवास का बैनामा पूर्णिमा दीक्षित के नाम कराया गया। आरोप है कि रजिस्ट्री से कुछ घंटे पहले उसे तीन बार नशीला पदार्थ दिया गया था। आरटीजीएस से भेजे गए रुपयेइस सौदे में कमल प्रकाश दीक्षित की सक्रिय भूमिका और श्रीराम के माध्यम से रकम की व्यवस्था किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। बैंक स्टेटमेंट के मुताबिक, एक मार्च से 30 नवंबर 2025 के बीच उसके आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते में करीब 2.29 करोड़ रुपये जमा हुए, जबकि 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी हुई। इसमें 12 मार्च को अनूप अस्थाना के पक्ष में 98 लाख, 21 मार्च को सुयश अस्थाना के पक्ष में 1.21 करोड़ और 25 नवंबर को सुयश के खाते में 8.50 लाख रुपये आरटीजीएस से भेजे गए। लेनदेन का वास्तविक लाभ नहीं मिला प्रणव का आरोप है कि इन लेनदेन का वास्तविक लाभ उसे नहीं मिला। प्रणव के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को परिवार की मदद से वह आरोपियों के प्रभाव से बाहर आया। इसके बाद 24 अगस्त को कौशलपुरी स्थित शिवानी कानपुर केक एंड फ्लावर्स से फूल खरीदकर लौटते समय दो अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने सुयश और अनूप के पास वापस लौटने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने की चेतावनी दी। मिली जान से मारने की धमकीऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में उसने 26 अगस्त को नजीराबाद पुलिस और पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी थी। कार्रवाई न होने पर एसीजेएम प्रथम की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। मालूम हो कि इससे पहले प्रणव ने स्वरूप नगर थाने में बिल्डर पिता पुत्र समेत 14 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। Post navigation मुंबई अंडरवर्ल्ड पर फिल्में बनाने वाले निर्देशक संजय गुप्ता का निधन टोल प्लाजा पर किन्नरों ने सिपाहियों को पीटा,एक की वर्दी फाड़ी