arnav- ke-bad

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : चक्रवात अर्णब का कहर अभी समाप्त नहीं हुआ कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से गहराते हुए 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है।

2 नवंबर की शाम तक इसके आंध्र प्रदेश तट के करीब पहुंचने की संभावना है। जिसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी (यनम) और ओडिशा में 2 से 4 नवंबर के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों और पुडुचेरी के यनम में 2 और 3 नवंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं ओडिशा में 3 और 4 नवंबर के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गौरतलब है कि चक्रवात अर्णब 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकराया था

गौरतलब है कि चक्रवात अर्णब 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकराया था। लगभग 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तूफान के चलते सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, घर डूब गए और खेत जलमग्न हो गए।

चक्रवात के चलते ओडिशा के गंजाम जिले में हुए भूस्खलन में लापता 12 लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है।

चक्रवात अर्णब के असर के बीच अब बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवात तेजी से आकार ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अगले 6 घंटों में गहरे अवसाद (डिप्रेशन) और अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 2 नवंबर 2026 की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की आशंका है।