अयोध्या , संवाददाता : आज अयोध्या में दसवें दीपोत्सव पर राम की पैड़ी समेत सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। 35 हजार स्वयंसेवकों ने दीप सज्जा पूरी कर ली है। आयोजन में उपराष्ट्रपति शामिल होंगे। धर्मपथ पर रामायण प्रसंगों को दर्शाने वाले 50 डिजिटल स्तंभ भी लगाए जा रहे हैं। रामनगरी दसवें दीपोत्सव पर एक और विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए तैयार है। राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये सजाए जा चुके हैं। अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवकों ने तीन दिन की मेहनत के बाद शुक्रवार को दीप सज्जा का काम पूरा कर लिया। शाम को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के दीप प्रज्ज्वलन के बाद सभी घाटों पर एक साथ दीप जलाए जाएंगे। दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र ने बताया कि शनिवार सुबह से स्वयंसेवक दीयों में तेल और बाती डालेंगे। इसके लिए 900 घाट समन्यवयक, 112 घाट प्रभारी और 27 प्रवेक्षकों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। प्रत्येक टीम को अपने क्षेत्र का काम निर्धारित समय में पूरा करना होगा। दीप सज्जा पूरी होने के बाद कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। स्वयंसेवकों ने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से इसे संभव बनाया है। दीपोत्सव देखने अर्जेंटीना से आई महिला राम की पैड़ी और आसपास के घाटों पर दीयों से बनाई गई कलात्मक आकृतियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। घाटों पर सजी दीपों की कतारों के साथ रंगोली के अलग-अलग पैटर्न भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। देशी-विदेशी पर्यटक इन सजावटों को देखने पहुंच रहे हैं। दीपोत्सव में अर्जेंटीना से आई कैरोलिना ने बताया कि इस तरह का दृश्य पहली बार देखी हूं। बहुत अच्छा लग रहा है। इन सावधानियों का ध्यान रखें वालंटियर दीप प्रज्ज्वलन के दौरान स्वयंसेवक सूती कपड़े पहनकर आएं। सिंथेटिक और ढीले वस्त्रों से बचें। लंबे बाल बांधकर रखें और दुपट्टे को संभालकर रखें। तेल डालते समय दीयों के आसपास तेल न फैलने दें। जलते दीपों के पास तेल की बोतल या अन्य ज्वलनशील सामग्री न रखें। आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय घाट प्रभारी और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें। भीड़ में धक्का-मुक्की न करें और निर्धारित रास्तों से ही आवागमन करें। अतिथियों को राम की पैड़ी तक पहुंचाएंगे 80 गोल्फकार्ट दीपोत्सव में सात नवंबर को वीवीआईपी को एयरपोर्ट, होटल और शहर के अन्य निर्धारित स्थानों से आयोजन स्थल तक लाने और कार्यक्रम के बाद वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी 80 गोल्फकार्ट को दी जाएगी। इसमें 10 ट्रैवलर और रोडवेज की 20 एसी बसें भी शामिल की गईं हैं।एआरटीओ गुलाब चंद्र ने बताया कि अतिथियों के आने का सिलसिला एयरपोर्ट से शुरू होगा। वहां से उन्हें निर्धारित होटलों और अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद राम की पैड़ी और रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रमों के लिए भी वाहनों की उपलब्धता रहेगी। इस बार दीपोत्सव में 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप सजाए जा रहे हैं। राम मंदिर में जलेंगे एक लाख दीप, तैयारी पूरी राम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में कुल एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए पूरे परिसर को पांच सेक्टर में विभाजित कर 1500 मंदिर कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने पूरे परिसर का भ्रमण कर दीपोत्सव की तैयारियों को परखा।उन्होंने बताया कि राम मंदिर समेत परिसर के सभी 18 मंदिरों में इस बार दीप जलाए जाएंगे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व सीएम योगी आदित्यनाथ राम मंदिर परिसर में दीपोत्सव का उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई। राममंदिर में शनिवार के अलावा रविवार को दीपावली के दिन भी दीप जलाए जाएंगे। पूरे मंदिर को विशेष फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा। रामलला को विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा। Post navigation UP :धनतेरस पर हुई जमकर खरीदारी, 27 हज़ार करोड़ के कारोबार का अनुमान