कानपुर देहात,संवाददाता : उत्तर प्रदेश में प्रशासन का सरकारी जमीनों पर कब्जे और अतिक्रमण करने वालों पर सख्त रूख है। हालांकि कमालपुर गांव का मामला कुछ अलग है। यहां कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य नहीं बंद कराया गया है। सरकारी अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।
कानपुर देहात में डेरापुर तहसील के कमालपुर गांव में आबादी की सरकारी जमींन पर गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा निर्माण किए जाने का ग्राम प्रधान ने विरोध किया था । इसके बावजूद तहसील प्रशासन ने अवैध निर्माण बंद नहीं कराया। शुक्रवार को अदालत का स्थागनादेश आदेश लेकर ग्राम प्रधान तहसील अधिकारियों व थाना पुलिस के पास पहुंचे।
इसके बाद भी निर्माण कार्य बंद नहीं कराया गया। कमालपुर गांव में करीब दो बीघा भूमि अभिलेखों में आबादी दर्ज है। इस भूमि पर गांव के राम मोहन शुक्ला आदि लोग अपना मकान बनवा रहे है। प्रधान संजय गुप्ता ने इस आबादी की भूमि को सरकारी भूमि बताते हुए निर्माण कार्य बंद करने की बात कही, लेकिन राम मोहन शुक्ला नहीं माना।
ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी एसडीएम शालिनी देवी व तहसीलदार लखन लाल राजपूत को बताते देकर अवैध निर्माण रोके जाने की मांग की थी। एसडीएम व तहसीलदार ने दीवानी न्यायालय से निर्देश लेने की सलाह दी थी। बता दें कि कोर्ट ने एक अगस्त तक इस भूमि पर निर्माण कार्य रोकने व यथा स्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।
अवैध कब्जाधारक ने सारी रात कराया निर्माण
इसके बाद भी निर्माण कार्य तहसील के अधिकारियों ने बंद नहीं कराया। एसडीएम ने बताया कि ग्राम प्रधान ने मौखिक जानकारी दी है। उनसे न्यायालय संबंधी स्थगन आदेश उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। अदालत के आदेश के अनुपालन में निर्माण कार्य बंद कर दिया जाएगा। हालांकि भूमि पर देर रात तक काम चला है।
