नई दिल्ली,एनएआई : सीबीआइ ने भ्रष्टाचार मामले में पूर्व अतिरिक्त आयकर आयुक्त संतोष करनानी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि संतोष के खिलाफ आरोप है कि उसने बेहद कम कीमत पर जमीन के बदले एक बिल्डर के साथ गोपनीय जानकारी साझा की और अपीलीय न्यायाधिकरण में केस जीतने में उसकी मदद की। सीबीआइ को भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी में करनानी के दो फोन की फोरेंसिक जांच मिली। आरोप है कि जब शिकायत मिलने पर एसीबी गुजरात की टीम करनानी के कार्यालय पहुंची थी, तो वह कार्यालय से भाग गया। भागने से पहले उसने सहायक आयकर आयुक्त विवेक जौहरी को दो मोबाइल हैंडसेट सौंप दिए थे। सीबीआइ को भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी में करनानी के दो फोन की फोरेंसिक जांच मिली। आरोप है कि जब शिकायत मिलने पर एसीबी गुजरात की टीम करनानी के कार्यालय पहुंची थी, तो वह कार्यालय से भाग गया। भागने से पहले उसने सहायक आयकर आयुक्त विवेक जौहरी को दो मोबाइल हैंडसेट सौंप दिए थे। जौहरी ने करनानी को भागने में मदद की और उसके मोबाइल हैंडसेटों को साबरमती नदी में फेंक दिया। बाद में सीबीआइ ने सोनार तकनीक की मदद से दोनों फोन बरामद किए। फोन के डाटा से पता चला कि करनानी ने निजी कंपनियों और व्यक्तियों के साथ आधिकारिक जानकारी साझा की थी। पता चला है कि संतोष ने अपनी पत्नी आरती के नाम पर 40 लाख रुपये में गैर-कृषि भूमि खरीदी थी। जबकि उक्त भूखंड का बाजार मूल्य लगभग 3.5 करोड़ रुपये है। Post navigation Russia : रूस ने अमेरिका के दो राजनयिकों को सात दिनों के भीतर देश छोड़ने का दिया आदेश IND vs BAN : क्या कोलंबो में बारिश की भेंट चढ़ेगा भारत-बांग्लादेश का मुकाबला ?