बहराइच,संवाददाता : एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि नोमेंस जमीन पर अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्द ही पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की बैठक होगी। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से अतिक्रमण हटाने के लिए महराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी व एसपी को पत्र लिखा गया है। स्थानीय स्तर पर साठगांठ कर लोगों ने जमाया कब्जा भारत-नेपाल सीमा पर नोमेंस की जमीन पर भी भूमाफिया ने कब्जा कर लिया है। स्थानीय स्तर पर साठगांठ कर 40 लोगों ने कब्जा जमाया है। जमीन पर कोई मजार तो कोई मंदिर बनाकर अपना बताता है। कई लोग खेती भी कर रहे हैं। अब इस जमीन को खाली कराने के लिए एडीजी की मौजूदगी में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के बीच बैठक होनी है। इसमें कब्जा हटाने की तिथि तय की जाएगी। फिर कब्जे को हटाकर वहां पर एसएसबी को स्थापित किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, भारत-नेपाल की सीमा उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में 570 किलोमीटर में फैली है। नोमेंस जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर प्रदेश सरकार ने एसएसबी के अधिकारियों से अतिक्रमणकारियों की सूची मांगी थी। एसएसबी की पड़ताल में सामने आया कि महराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती व लखीमपुर खीरी में 21 स्थानों पर नोमेंस जमीन पर 40 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इनमें 35 लोग खेती करते हैं। रूपन्देही जिले में एक जगह नेपाल राष्ट्र नगरपालिका और चितिपिरहवा गांव में पुलिस स्टेशन मैदेहावा का निर्माण कराया जा रहा है। एक जगह मंदिर और मजार का निर्माण हुआ है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उप महानिरीक्षक सीमांत मुख्यालय लखनऊ ने अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) को भेजे गए पत्र में अतिक्रमण और कब्जा करने वालों के नाम व पता भेजा है। Post navigation Mission 2024 : बुखार के चलते जयंत चौधरी का भाईचारा सद्भावना सम्मेलन स्थगित गणेश चतुर्थी : शिव की नगरी में 19 सितंबर से मचेगी गणेशोत्सव की धूम