आगरा , संवाददाता : आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आईईटी छात्रों ने मात्र 10 दिन में 20 हजार रुपये की लागत से सोलर ई-साइकिल बनाकर नवाचार की मिसाल पेश की है। यह साइकिल सौर ऊर्जा और पैडल दोनों से चलती है और करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है, जिसे हरित ऊर्जा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के दो छात्रों ने मात्र 10 दिन में सोलर पैनल आधारित ई-साइकिल तैयार कर नवाचार का उदाहरण पेश किया है। 20 हजार रुपये की लागत से बनी यह साइकिल बिना पेट्रोल और बाहरी बिजली के चलती है और ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से बेहतर प्रयोग है।
स्वामी विवेकानंद परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चौथे वर्ष के छात्र अभिषेक सविता और विशाल ने 10 दिन में सोलर ई-साइकिल तैयार कर
विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चौथे वर्ष के छात्र अभिषेक सविता और विशाल ने 10 दिन में सोलर ई-साइकिल तैयार कर नई मिसाल पेश की है। बांदा निवासी अभिषेक सविता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और ईंधन बचत के विजन से प्रेरित होकर यह मॉडल बनाया गया। पूरी तरह मेड-इन-इंडिया सामग्री से तैयार यह ई-साइकिल एक बार चार्ज होने पर करीब 30 किलोमीटर चल सकती है।
इसे धूप में खड़ा कर चार्ज किया जा सकता है, जबकि पैडल चलाने पर भी बैटरी चार्ज होती रहती है। धूप और बारिश से सुरक्षा के लिए इसमें विशेष शेड लगाया गया है। छात्रों ने बताया कि बेहतर बैटरी और उन्नत सोलर पैनल से इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने इसे आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा की दिशा में युवाओं की ये प्रेरक पहल है। निदेशक प्रो. मनु प्रताप, शिक्षक महेश दीक्षित और राघवेंद्र ने छात्रों की उपलब्धि पर बधाई दी है।
