नई दिल्ली,एजेंसी : केंद्र सरकार के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की सेवाओं के लिए ईओएस-एन1 उपग्रह को डिजाइन किया गया है। इस उपग्रह को आज सोमवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से पीएसएलवी-सी 62 रॉकेट के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( इसरो) द्वारा अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा। इसके साथ सह-यात्री (को-पैसेंजर) उपग्रह भी भेजे जा रहे हैं, जिन्हें भारत और विदेश की कई स्टार्टअप कंपनियों ने विकसित किया है। इस मिशन के लिए 24 घंटे की काउंटडाउन प्रक्रिया इस मिशन के लिए 24 घंटे की काउंटडाउन प्रक्रिया कल सुबह 10.17 बजे शुरू हुई । रॉकेट प्रक्षेपण के मद्देनजर, श्रीहरिकोटा के पास स्थित तिरुवल्लूर जिले के मछुआरों से मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने आज समुद्र में मछली पकड़ने के लिए न जाने का अनुरोध किया है। Launch Day for PSLV-C62 / EOS-N1 Mission.🔴 Live coverage from 09:45 IST🚀 Liftoff at 10:18:30 ISTLivestream link: https://t.co/fMiIFTUGpfFor more information Visit:https://t.co/3ijojDaYB2 #PSLVC62 #EOSN1 #ISRO #NSIL— ISRO (@isro) January 12, 2026 इस मिशन के तहत 17 वाणिज्यिक उपग्रह भी अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं पीएसएलवी-सी62 रॉकेट और उपग्रहों के एकीकरण (इंटीग्रेशन) से जुड़े कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इस मिशन के तहत भारत, मॉरीशस, लक्जमबर्ग, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका की कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों के कुल 17 वाणिज्यिक उपग्रह भी अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं। इसरो के वैज्ञानिक रॉकेट और उपग्रहों के सभी चरणों की गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखे हुए हैं। (इनपुट-एजेंसी) Post navigation Bihar Weather: बिहार में 4.6 डिग्री तक पहुंचा पारा, तीन दिनों में और बढ़ेगी ठंड Swami Vivekananda की जयंती पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि