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तेल अवीव, डिजिटल डेस्क : इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि है कि फ्लाईदुबई प्लेन में सवार 172 लोगों की जान बचाने के लिए इजरायली यात्रियों, एक भारतीय पायलट और UAE के क्रू का साथ आना आतंकवाद के खिलाफ तीन देशों के क्षेत्रीय गठबंधन को दिखाता है। ओमान के एक को-पायलट ने कथित तौर पर प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की थी।

मंत्रालय एक्स पर लिखा कि जिहादी आतंकवादी दुबई-TLV फ्लाइच को क्रैश करके उसमें सवार सभी लोगों की हत्या करना चाहता था। लेकिन उसका सामना बहादुर इजराइली यात्रियों से हुआ, जिन्होंने उसका मुकाबला किया, साथ ही एक भारतीय पायलट और अमीराती क्रू भी प्लेन को बचाने के लिए डटे रहे।

ओमान के को-पायलट ने भारतीय पायलट पर किया हमला

ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्ममी ने कॉकपिट के अंदर भारतीय फ्लाइट कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स से हमला किया। भारतीय पायलट ने जवाबी कार्रवाई की।

जब प्लेन खतरनाक ढंग से नीचे गिरने लगा, तो गंभीर रूप से घायल पायलट ने अद्भुत सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे इजराइली यात्री अंदर आ सके और हमलावर को काबू कर सके। ड्यूटी पर न होने वाले दो पायलटों ने प्लेन को संभाला और सुरक्षित लैंड कराया।

कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी

मच्छर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और वे ठीक हो रहे हैं। वे खतरे से बाहर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप सहित दुनिया के कई नेताओं ने पायलट के बहादुरी भरे काम की तारीफ की है।

ओमान के को-पायलट की पृष्ठभूमि खड़े हुए सवाल

इस घटना ने ओमान के पायलट की पृष्ठभूमि को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पायलट को उसके अपने देश में चरमपंथी विचारों के कारण उड़ान भरने से रोक दिया गया था, लेकिन उसे फ्लाईदुबई के लिए काम करने की इजाजत मिल गई थी।

अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि ओमान के नागरिक को जिस देश के साथ इजराइल के राजनयिक संबंध नहीं हैं, तेल अवीव के लिए उड़ान भरने की इजाजत कैसे मिली।

नेतन्याहू ने पिछले हफ्ते कहा था कि इजराइल का एयरलाइंस के साथ समझौता है कि वे ऐसे पायलटों को देश में उड़ान भरने से रोकें जो उन देशों के नागरिक हैं जिनके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह घटना UAE में नेतन्याहू के दौरे के कुछ दिनों बाद हुई।