नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : Axar Patel Catch IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइल मैच में संजू सैमसन ने जहां बल्ले से महफिल लूटी तो एक खिलाड़ी ऐसा भी रहा, जिसने फील्डिंग में जो कारनामा किया, उसे फैंस सालों तक नहीं भूल पाएंगे। ये और कोई नहीं अक्षर पटेल ही हैं, जिन्होंने भारत को उस वक्त एक ऐसा विकेट दिलाया, जब टीम को उसकी जरूरत थी।
अक्षर पटेल ने इंग्लिश टीम के कप्तान हैरी ब्रूक का एक नहीं. दो ऐसे मैजिकल कैच लपके, जिसे देखकर फैंस 1983 वनडे विश्व कप के कपिल देव को याद करने लगे। जब अक्षर ने ये कैच लपका तो हर किसी के चेहरे पर सिर्फ खुशी दिखी। मैच देखने के लिए पहुंचे रोहित शर्मा और एमएस धोनी, जैसे पूर्व चैंपियन कप्तान का भी रिएक्शन देखने लायक रहा। वहीं, कोच गौतम गंभीर भी खुशी से झूमने लगे।
अक्षर पटेल ने दो बार लपका शानदार कैच
दरअसल, ये घटना इंग्लैंड की पारी के चौथे ओवर की रही, जब इंग्लैंड की टीम 1 विकेट के नुकसान पर 38 रन बना चुकी थी। क्रीज पर कप्तान हैरी ब्रूक थे और जोस बटलर भी बैटिंग कर रहे थे। इस ओवर में कप्तान सूर्या ने जसप्रीत बुमराह को गेंद सौंपी और उन्होंने पहली गेंद पर अपना काम कर दिखाया। हैरी ब्रूक ने हवा शॉट खेला और प्वाइंट के पीछे भागते हुए अक्षर ने हैरी ब्रूक का कैच लपका। जैसे ही अक्षर ने ये कैच पकड़ा तो डगआउट में बैठे कोच गौतम गंभीर खुशी से उछल पड़े। जिस तरह से अक्षर ने ये कैच लपका, उसकी खूब चर्चा हो रही है।
अक्षर का ये कैच देखकर फैंस 1983 वनडे विश्व कप में लिए गए कपिल देव के कैच से करने लगे। उस वक्त कपिल देव ने पीछे भागते हुए विवियन रिचर्ड्स का कैच पकड़ा था और टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।
अक्षर ने लपका गेम चेंजिंग कैच
पारी के 14वें ओवर की छठी गेंद पर अक्षर पटेल ने फुर्ती मैदान पर दिखाई और अपने प्रेसेंस ऑफ माइंड का सही इस्तेमाल करते हुए विल जैक्स के छक्के को कैच में तब्दील किया। वाइड लाइन पर अर्शदीप सिंह द्वारा डाली गई यॉर्कर गेंद जो फुल टॉस बन गई।
विल ने उसे स्लाइस किया और डीप प्वाइंट की तरफ खेला। गेंद हवा में फ्लैट जा रही थी और सीमा रेखा पर अपने बाएं ओर भागते हुए अक्षर ने गेंद को लपका। इस बीच वो संतुलन नहीं बना पाए और बाउंड्री की तरफ जा रहे थे। उसी बीच गेंद उन्होंने दूसरे फील्डर शिवम दुबे की तरफ उछाल दी और दुबे ने कैच को पूरा किया।
भारत ने फाइनल का कटाया टिकट
अक्षर पटेल के इन दोनों कैचों ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ने में अहम भूमिका निभाई। उनकी फुर्ती, टाइमिंग और मैदान पर जागरूकता ने भारत को अहम मैच में जीत दिलाई। सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड को भारत ने 7 रन से मात दी और फाइनल का टिकट कटाया।
