नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अल फलह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो अलग अलग एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अल फलह यूनिवर्सिटी के खिलाफ एक एफआईआर चीटिंग की दर्ज की है, जबकि दूसरी एफआईआर फॉर्जरी की धाराओं में दर्ज की गई है। आज दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ओखला स्थित अल फलह यूनिवर्सिटी के दफ्तर पहुंची थी। दिल्ली पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी को एक नोटिस दिया है, साथ ही कुछ डाक्यूमेंट्स यूनिवर्सिटी की तरफ मांगे गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली ब्लास्ट केस में आरोपियों के बारे में कई खुलासे हुए हैं।
आरोपी आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा
दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच कर रहे जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी आतंकी डॉ. उमर, डॉ. मुज़म्मिल, डॉ. शाहीन और उनके सहयोगियों ने रडार से दूर रहने के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल किया। वे संवेदनशील बातचीत के लिए सिग्नल और थ्रीमा जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स का भी इस्तेमाल करते थे।
मॉड्यूल के सदस्य एक ही साझा ईमेल खाते के ज़रिए काम करते थे।
उन्होंने कभी कोई ईमेल भेजा या प्राप्त नहीं किया – इसके बजाय, वे “ड्राफ्ट” फ़ोल्डर में संदेश टाइप करते थे, और बाद में अन्य लोग उन्हें पढ़ने के लिए लॉग इन करते थे।
इस तरीके से लगभग कोई डिजिटल फ़ुटप्रिंट नहीं बचता, जिससे एजेंसियों के लिए इसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
