नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : इस फंडिंग राउंड में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, वेंचर कैटलिस्ट, विभा चेतन (चेरेवी वेंचर्स की पार्टनर), रवीन सस्त्री (मल्टिप्लाई वेंचर्स के फाउंडिंग पार्टनर), विवेकानंद हल्लेकेरे (बाउंस के को-फाउंडर) और निश्चय एजी (जेएआर के को-फाउंडर) ने भी हिस्सा लिया। इस पैसे का इस्तेमाल रिसर्च और डिवेलपमेंट को मजबूत करने तथा तकनीकी क्षमता को बढ़ाने में किया जाएगा। कॉशियो अभी 46 शहरों में काम कर रही है और इसके साथ 60 से ज्यादा कस्टमर जुड़ चुके हैं।
अहमदाबाद, अगस्त 2025: भारत की सड़कों को दुनिया की सबसे सुरक्षित सड़कों में बदलने के लिए काम कर रहे एक एआई आधारित वीडियो टेलीमैटिक्स स्टार्टअप, कॉशियो ने अपनी सीड फंडिंग में अतिरिक्त $1.8 मिलियन जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व अमल पारिख ने किया, जिसमें 8आई वेंचर्स, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, विभा चेतन (पार्टनर – चेरेवी वेंचर्स) और वेंचर कैटलिस्ट्स ने भी भाग लिया। इसके साथ ही इस राउंड में रवीन सस्त्री (फाउंडिंग पार्टनर – मल्टिप्लाई वेंचर्स), विवेकानंद हल्लेकेरे (को-फाउंडर – बाउंस) और निश्चय एजी (को-फाउंडर – जेएआर) ने भी निवेश किया। अब तक कॉशियो की कुल सीड फंडिंग $3 मिलियन हो चुकी है। इस साल अप्रैल में कंपनी ने इसी फंडिंग राउंड के तहत $1.2 मिलियन जुटाने की घोषणा की थी।
सफर को सुरक्षित बनाने के लिए एडवांस डैश कैमरे देती है
हर सफर को सुरक्षित बनाने के मिशन के साथ शुरू हुई कंपनी कॉशियो, ऐसे एडवांस डैश कैमरे देती है जो एआई से चलने वाले एक सेफ्टी प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े होते हैं। इसका मकसद है कि फ्लीट ऑपरेटर्स को समय रहते खतरे पहचानने और रोकने में मदद मिले। कॉशियो ऐसी तकनीक पर काम कर रही है जो सिर्फ हादसों को रिकॉर्ड नहीं करती, बल्कि उन्हें पहले से पहचानकर रोकने की क्षमता रखती है। इस तरह कॉशियो भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्कूल ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल फ्लीट सेक्टर में सड़कों को सुरक्षित बनाने की आवश्यक जरूरत को पूरा कर रही है।
कॉशियो के को-फाउंडर और सीईओ अंकित आचार्य ने कहा कि, “भारत की सड़कों को और डर की नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी और सुरक्षा की ज़रूरत है। कॉशियो में हम ऐसी तकनीक बना रहे हैं जो सुरक्षा को साफ तौर पर दिखाए और उस पर तुरंत कार्रवाई हो सके। हम जो भी अलर्ट भेजते हैं, वह एक हादसा रोकने, एक परिवार को बचाने, एक ज़िंदगी सुरक्षित रखने का एक मौका होता है। यही हमारा मकसद है।”
कॉशियो के को-फाउंडर और सीटीओ प्रांजल नाधानी ने आगे कहा, “इस नई फंडिंग से हम अपनी तकनीक को और मज़बूत बना पाएंगे, टीम को बढ़ा पाएंगे और अपने सिस्टम को और ज़्यादा जगहों पर लागू कर पाएंगे ताकि सड़क सुरक्षा एक आदत बने, कोई अपवाद नहीं।”