न्यूयॉर्क, डिजिटल डेस्क : बुजुर्गों को निशाना बनाने वाली धोखाधड़ी की योजना के जरिए की गई मनी लांड्रिंग के लिए एक 60 वर्षीय भारतीय नागरिक को आठ साल की सजा सुनाई गई है। उसे पीड़ितों को 2.4 मिलियन अमेरिकी डालर का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। इलिनोइस के पूर्व निवासी अहमद मकबूल सैयद को पिछले हफ्ते अमेरिकी जिला न्यायाधीश जान सी. हिंडेराकर ने आठ साल की जेल की सजा सुनाई। सैयद ने मनी लांड्रिंग की साजिश रचने के आरोप में अपराध स्वीकार कर लिया। सैयद एक ऐसी व्यापक धोखाधड़ी योजना में शामिल था, जिसमें टेक सपोर्ट और सरकारी अधिकारी बनकर बुजुर्गों को निशाना बनाया जाता था। यह धोखाधड़ी पूरे अमेरिका में, जिसमें एरिजोना भी शामिल है, बुजुर्गों के खिलाफ की गई थी। पीड़ितों को शुरुआत में कंप्यूटर पर फर्जी पॉपअप संदेश दिखाकर धोखा दिया जाता था। इन संदेशों में कंप्यूटर में किसी समस्या की चेतावनी दी जाती थी या कंप्यूटर को फ्रीज कर दिया जाता था। पीड़ित जब मदद के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए काल करते थे, तो उनका संपर्क उन ठगों से हो जाता था जो खुद को टेक सपोर्ट या सरकारी प्रतिनिधि बताते थे। बाद में उनसे ठगी को अंजाम दिया जाता था। Post navigation आजम खान को SC ने ED मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार, जेल में ही रहना होगा तालिबान ने अफगान महिलाओं को आजादी का वादा किया था, 5 साल में सिर्फ प्रतिबंध दिए