आगरा, संवाददाता : आगरा सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) रिश्वत लेते पकड़े गए अपर निदेशक (पशुपालन विभाग) और उनके ड्राइवर के घरों से मिले परिसंपत्तियों के प्रपत्रों का ब्योरा तैयार कर रही है। अधिकारी के कई बैंक खातों, मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। विजिलेंस ने दोनाें आरोपियों के घरों से मिले प्रपत्रों को एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद नाई की मंडी थाने के मालखाने में जमा दिया गया। एक लाख रुपये घूस लेते हुए थे गिरफ्तार विजिलेंस ने 20 जून को अपर निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. विवेक कुमार भारद्वाज को एक लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था। उन्होंने पशुधन प्रसार अधिकारियों कोमल राम, बलवीर सिंह और राधेश्याम को स्थानांतरण की धमकी देकर एक लाख रुपये घूस मांगी थी। विजिलेंस ने उनके ड्राइवर शर्मा को भी जेल भेजा था। उसकी बाइक से 35 हजार रुपये नगद बरामद किए थे। यह रकम भी कर्मचारियों से वसूल की थी।एसपी विजिलेंस शगुन गौतम नेकहा कि अपर निदेशक की परिसंपत्तियों समेत बैंक खातों आदि की विस्तृत जांच का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए इसे शासन को भेजा जाएगा। हाथरस में बीएसए का कार्यालय खंगालाविजिलेंस ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक देवेंद्र सिंह को 27 जून को 30 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था। वरिष्ठ सहायक ने सहपऊ ब्लाक के चंदवार विद्यालय में तैनात सिद्धार्थ कुमार से प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के लिए रिश्वत मांगी थी। जिसमें 25 हजार रुपये बीएसए को देने और पांच हजार रुपये अपने लिए मांगे थे। विजिलेंस ने मुकदमे में हाथरस के बीएसए को भी आरोपी बनाया है। उसे भी जेल भेजा जा चुका है। एसपी विजिलेंस ने बताया टीम ने रविवार को आरोपी वरिष्ठ सहायक के हाथरस में घर को खंगाला। टीम को वहां से मिले प्रपत्रों की जांच करेगी। Post navigation Varanasi : पुलिस से हुई मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दूसरा भी गिरफ्तार Sweden : पोते-पोतियों की देखभाल करने के लिए मिलेगा पितृत्व अवकाश