गुवाहाटी, संवाददाता : कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने असम सरकार के सहयोग से गुवाहाटी में एक जैविक सम्मेलन-सह-खरीदार-विक्रेता बैठक का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य कृषि-निर्यात संबंधों को सुदृढ़़ करना और असम के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच में सुधार करना था।
असम जैविक उत्पाद सम्मेलन-सह-खरीदार-विक्रेता बैठक, भारत के कृषि निर्यात विकास गाथा में क्षेत्रीय शक्तियों को एकीकृत करने के लिए एपीडा के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है, साथ ही असम को उच्च मूल्य और टिकाऊ कृषि निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करती है।
सम्मेलन में 30 से अधिक निर्यातकों, 9 आयातकों और लगभग 50 किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) ने भाग लिया
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन में असम के 30 से अधिक निर्यातकों, 9 आयातकों और लगभग 50 किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) ने भाग लिया। क्रेता-विक्रेता बैठक ने व्यापारिक संबंधों के लिए एक संरचित मंच प्रदान किया, जिससे हितधारकों को व्यापार के अवसरों का पता लगाने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने में मदद मिली।
दरअसल, असम अपनी समृद्ध कृषि-जलवायु विविधता के साथ निर्यात की अपार संभावनाओं वाली कई वस्तुओं का उत्पादन करता है। असम जोहा चावल और विभिन्न गैर-बासमती विशेष चावल किस्मों के अतिरिक्त, केला, अनानास, संतरा, असम नींबू, जैविक अदरक, हल्दी, काली मिर्च जैसे फल और सब्जियां, साथ ही बागवानी और अन्य जैविक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला, वैश्विक कृषि बाजारों में राज्य की उपस्थिति का विस्तार करने के मजबूत अवसर प्रदान करती है।
सम्मेलन में जैविक उत्पादन के राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीओपी) के आठवें संस्करण पर एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें नियामक ढांचा और लेबलिंग संबंधी आवश्यकताएं शामिल थीं। इस सत्र का उद्देश्य निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किसान उत्पादक संगठनों और उद्यमियों के बीच जागरूकता बढ़ाना था ताकि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और प्रमाणन मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन ने उत्पादकों, निर्यातकों और खरीदारों के बीच प्रत्यक्ष संवाद को सुगम बनाया, जिससे नए व्यापारिक साझेदारियों के विकास में सहायता मिली।
