नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सभी राजनीतिक दलों और आम जनता से अपील की कि वे उन शहीदों की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए अपने प्रयास समर्पित करें, जिन्होंने नागरिक स्वतंत्रता, लोकतंत्र और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
नेपाल हर वर्ष स्थानीय विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार माघ 10 से 16 तक शहीद सप्ताह मनाता है और इसका अंतिम दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो इस वर्ष शुक्रवार, 30 जनवरी को पड़ा है।
इस दिन शहीद शुक्लराज शास्त्री, धर्म भक्त, दशरथ चंद और गंगा लाल के श्रेष्ठ बलिदान को याद किया जाता है। साथ ही उन अन्य शहीदों के योगदान को भी याद किया जाता है जिन्होंने उस समय के निरंकुश राणा शासकों के खिलाफ संघर्ष किया।
इन चारों ने 1941 में अपने प्राणों की आहुति दी, जिसके परिणामस्वरूप 1950 में देश में लोकतंत्र की स्थापना हुई। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की, उनके मंत्रिमंडल और कई अन्य लोगों ने काठमांडू के लैनचौर में शहीद स्मारक पर चार प्रमुख शहीदों की प्रतिमाओं पर माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
