नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क : एपल और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। एपल ने अपने नए और बेहतर Siri वॉयस असिस्टेंट के लिए Google Gemini AI मॉडल को चुन लिया है। यह मल्टी-ईयर डील इस साल के अंत में आने वाले नए Siri और भविष्य के Apple Intelligence फीचर्स को पावर देगी।
इस समझौते से AI की रेस में गूगल की पोजिशन और मजबूत हुई है और यह OpenAI के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब तक एपल ने अपने डिवाइसेज में ChatGPT को भी जोड़ा था, लेकिन अब डिफॉल्ट AI लेयर के तौर पर Gemini को प्राथमिकता मिलेगी।
गूगल ने कहा कि उसके Gemini मॉडल एपल के Apple Foundation Models और आने वाले AI फीचर्स का आधार बनेंगे। इस डील से गूगल को एपल के 2 अरब से ज्यादा एक्टिव डिवाइसेज तक पहुंच मिलेगी।
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टेस्ला के CEO एलन मस्क ने इस साझेदारी पर चिंता जताते हुए कहा कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम हैं, ऐसे में यह शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब OpenAI का ChatGPT सिर्फ जटिल और ऑप्शनल सवालों के लिए सपोर्टिंग रोल में रहेगा, जबकि Siri का मुख्य AI इंजन Gemini होगा।
एपल ने कहा कि Apple Intelligence Apple के डिवाइसेज और Private Cloud Compute पर ही चलेगा और कंपनी की प्राइवेसी स्टैंडर्ड्स बरकरार रहेंगी।
