कानपुर , संवाददाता : किशोरी वाटिका कम्युनिटी सेंटर में तोड़फोड़ करके बिना नक्शा पास कराए तीन मंजिला इमारत बना दी गई। साथ ही बगल में खाली पड़ी पार्क की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। प्रशासन की टीम ने केडीए को अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए कहा है।
कानपुर में अखिलेश दुबे पर अब कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार की कार्रवाई के बाद केडीए ने गुरुवार को अखिलेश दुबे के साकेतनगर में किशोरी वाटिका के सामने बने किशोरी उपवन गेस्ट हाउस को सील कर दिया। यहां आवासीय भूखंड पर अवैध तरह से व्यवसायिक गतिविधियां चल रही थीं। साथ ही केडीए की ओर से किशोरी वाटिका के अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कब्जा खाली कराने के बाद नगर निगम इस पार्क को जनता के लिए खोल देगा। इस मामले की शिकायत केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल से करीब दो माह पहले की गई थी। मामले की जांच केडीए सचिव अभय पांडे को दी गई। इसके बाद गुरुवार को प्रवर्तन जोन-3 के जोनल प्रभारी की अगुवाई में गुरुवार को प्लाट संख्या-155, ब्लाॅक डब्लू-1, जूही कलां में बिना मानचित्र स्वीकृति के चल रहे किशोरी उपवन गेस्ट हाउस व बैंक्वेट हाॅल पर कार्रवाई की गई।
लगातार दूसरे दिन केडीए की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि गेस्ट हाउस का भू उपयोग आवासीय है, लेकिन यहां किशोरी उपवन गेस्ट हाउस का संचालन किया जा रहा था। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ केडीए अधिकारियों ने सीलिंग की कार्रवाई की। केडीए के अफसरों ने बताया कि 2017 में अखिलेश की पत्नी मधु दुबे के नाम पर भूखंड का नामांतरण हुआ था। इससे पूर्व बुधवार को केडीए ने अखिलेश दुबे के जूही कलां स्थित शक्तिदीप पैलेस पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया था।
दो माह पहले अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने जिलाधिकारी से लेकर शासन तक चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे की काबिज संपत्तियों की जांच करने की शिकायत की थी। इसके बाद शासन ने संपत्तियों की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में टीम गठित की थी। टीम ने कम्युनिटी सेंटर की जमीन की जांच केडीए और नगर निगम के अभिलेखों में की।
पार्क विकसित कर जनता के लिए खोलने के निर्देश
तब पता चला कि भूखंड संख्या-152 डब्ल्यू-1, जूही कलां कुल क्षेत्रफल 3719 वर्गमीटर में से 365.82 वर्ग मीटर जमीन वर्ष 2005 में डॉ. ब्रज किशोरी दुबे स्मारक समिति के सचिव अखिलेश दुबे को किराये पर दी गई थी। किशोरी वाटिका कम्युनिटी सेंटर में तोड़फोड़ करके बिना नक्शा पास कराए तीन मंजिला इमारत बना दी गई। साथ ही बगल में खाली पड़ी पार्क की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। प्रशासन की टीम ने केडीए को अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने और नगर निगम को पार्क विकसित कर जनता के लिए खोलने के लिए कहा गया है।
केडीए ने नोटिस भी जारी किया है
यह जमीन केडीए ने खुद कब्जा प्राप्त कर हासिल की थी। यह जमीन 1980 से 2000 के दशक में कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड जीटी रोड ने किदवईनगर निवासी सचिव राम प्रसाद गुप्ता पुत्र अयोध्या प्रसाद गुप्ता को बिक्री कर दी थी। फिर ये जमीन किस अधिकार से अखिलेश दुबे को बेची गई, इसका केडीए के पास कोई लेखा-जोखा नहीं मिला। वेलफेयर सोसाइटी तेजाब मिल कैंपस में भूखंड संख्या 84-63 पार्क की जमीन है। इस पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए मकान बना दिया। इस मामले में केडीए ने नोटिस भी जारी किया है।
ज्यादातर निर्माण पार्क की जमीनों पर मिले हैं। अवैध तरीके से बनीं इमारतों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अब केडीए और नगर निगम की टीम करेगी। जो मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं उनका जल्द निस्तारण कराकर कार्रवाई होगी। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी