नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने आयुर्वेद के क्षेत्र में तकनीक आधारित समाधान विकसित करने को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय AI चैलेंज लॉन्च किया है। इसके साथ ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में अनुसंधान, नवाचार और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। ये घोषणाएं गुरुवार को AIIA के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर की गईं। इस मौके पर आयुर्वेद के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) सुविधा की शुरुआत भी की गई। इसके अलावा उद्यमिता और डिजाइन थिंकिंग पर कार्यशाला आयोजित हुई। आयुषटेक इनोवेट ‘ नेशनल ओपन आयुर्वेद AI चैलेंज’ का आयोजन आईआईटी बॉम्बे के टेकफेस्ट ने आयुष मंत्रालय और AIIA के सहयोग से किया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे के ओपन-सोर्स आयुर्वेद लार्ज लैंग्वेज मॉडल ‘आयुपराम’ (AyurParam) का इस्तेमाल करते हुए इस चुनौती का उद्देश्य आयुर्वेद के लिए भरोसेमंद, पारदर्शी, सुरक्षित और व्यावहारिक AI समाधान विकसित करने को प्रोत्साहित करना है। इस चैलेंज के तहत आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, प्राचीन ग्रंथों से जानकारी प्राप्त करने, अनुसंधान, उपचार योजना तैयार करने और जनस्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी जरूरतों पर ध्यान दिया जाएगा। इसका राष्ट्रीय ग्रैंड फिनाले 15 से 18 दिसंबर तक आईआईटी बॉम्बे में आयोजित होगा। AIIA के निदेशक पीके प्रजापति ने इनक्यूबेशन सेंटर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों में AIIA-iCAINE ने आयुर्वेद के क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने बताया कि इनक्यूबेशन सेंटर ने 52 समस्या-आधारित परियोजनाओं को समर्थन दिया है और 100 से अधिक स्टार्टअप विचारों को मार्गदर्शन प्रदान किया है। इसके अलावा नौ स्टार्टअप को तीन-तीन लाख रुपये की शुरुआती वित्तीय सहायता दी गई है। पहला समझौता ‘वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन’ के साथ किया गया है। इसके तहत ‘AI in Ay – Secretariat for Artificial Intelligence in Ayurveda’ की स्थापना की जाएगी। यह मंच आयुर्वेद में AI आधारित अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगा। पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को व्यावसायिक रूप से उपयोगी स्किनकेयर उत्पादों में बदलना इस साझेदारी के तहत संयुक्त अनुसंधान, वित्तपोषण और कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) से जुड़ी परियोजनाओं, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, हैकाथॉन और स्टार्टअप इनक्यूबेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही आयुर्वेद में AI के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए फाउंडेशन के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी सहयोग लिया जाएगा। दूसरा समझौता रिलायंस रिटेल लिमिटेड की कंपनी ‘पहाड़ी लोकल’ के साथ किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को व्यावसायिक रूप से उपयोगी स्किनकेयर उत्पादों में बदलना है। इसके लिए उत्पादों के फॉर्मूलेशन से जुड़ी सलाह और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, रिलायंस रिटेल उत्पादों के विकास, परीक्षण, निर्माण और विपणन की जिम्मेदारी संभालेगी। IPR सुविधा का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस अवसर पर शुरू की गई IPR सुविधा का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके जरिए आयुर्वेद से जुड़े नवाचार करने वाले उद्यमियों और आविष्कारकों को अपने उत्पादों के विकास और व्यावसायीकरण के दौरान नवाचारों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में आयुर्वेद आधारित उद्यमों की ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण रणनीतियों और डिजाइन थिंकिंग पर सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के बारे में जानकारी दी गई, टेकफेस्ट हैकाथॉन लॉन्च किया गया और ‘आयूप्रेन्योर: ए बिगिनर्स ग्लॉसरी’ का विमोचन किया गया। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के विजेताओं को अनुदान राशि भी जारी की गई। आयुष मंत्रालय के तहत 29 अक्टूबर 2021 को स्थापित AIIA-iCAINE एक सार्वजनिक क्षेत्र का आयुर्वेद बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण, संस्थागत साझेदारी और उद्योगों के साथ सहयोग के माध्यम से आयुर्वेद आधारित उत्पादों, सेवाओं और उद्यमों के विकास में सहायता करता है। Post navigation PM मोदी ने जारी की पीएम-किसान की 24वीं किस्त, 9.34 करोड़ किसान परिवारों को मिले 18,680 करोड़ रुपए उत्तराखंड के जोशीमठ में हेलीकॉप्टर क्रैश, चार लोगों की मौत