कानपुर , संवाददाता : महिला से अश्लीलता और धमकी देने के आरोपी सरसौल निवासी आशीष के टॉयलेट क्लीनर पीने के बाद नौबस्ता थाने की पुलिस के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है। पुलिस ने पहले फोन करने वाले आरोपी के बजाय उसके दोस्त के मोबाइल नंबर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। दबाव बढ़ा तो लिखापढ़ी में महिला के स्थान पर उसके 68 वर्षीय ससुर से ही अश्लीलता करना दिखा दिया। मामला उछलने के बाद अधिकारी कह रहे हैं कि सब ठीक हो जाएगा। बता दें कि नौबस्ता निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की थी कि आशीष उसकी बहू को फोन कर परेशान करता है। इस पर मंगलवार रात को पुलिस ने आशीष को बुलाया तो वह शराब के नशे में धुत होकर अपने साथी सहज के साथ थाने पहुंचा और हंगामा किया। इस पर पुलिस ने दोनों को थाने में बैठा लिया। थोड़ी देर बाद शौचालय जाने के बहाने वहां रखा टॉयलेट क्लीनर पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे हैलट में भर्ती कराया गया। इसके बाद पुलिस ने सहज के मोबाइल नंबर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में बुधवार को पुलिस कमिश्नर ने थाने के एक दरोगा और सिपाही को निलंबित किया था। अब पुलिस की दूसरी लापरवाही लिखापढ़ी में सामने आई। नौबस्ता पुलिस ने शिकायतकर्ता ससुर से तहरीर ली और उन्हीं की ओर से फोन पर अश्लीलता किए जाने की कहानी उतार दी। दर्ज एफआईआर में लिखा है कि पीड़ित के पास कई दिनों से 9580…. नंबर से फोन आता है और दूसरी ओर से बोलने वाला व्यक्ति शराब के नशे में पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता और कई बार देर रात में फोन कर अश्लील बातें करता है। निवेदन है कि उचित कार्रवाई की जाए। हैरत की बात है कि दो दिन से अधिकारी महिला से अश्लीलता का आरोप लगा रहे थे और लिखापढ़ी से महिला ही गायब हो गई। मौत के डर से मोबाइल नंबर पर लिखी गई रिपोर्ट हैलट में भर्ती आशीष की हालत में मामूली सुधार है। पुलिस उसकी मेडिकल रिपोर्ट पर नजर बनाए हुए है। थाने के सूत्रों के अनुसार, जिस वक्त आशीष ने टॉयलेट क्लीनर पीया था तब तक पुलिस ने उसके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। पुलिस को लगा कि यदि आशीष की जान चली गई तो पूरे थाने की गर्दन फंस जाएगी। लिहाजा आनन-फानन मोबाइल नंबर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि आशीष अपने साथी सहज के मोबाइल से ही फोन कर महिला को परेशान कर रहा था। इस कारण ही उसके मोबाइल नंबर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह है डीसीपी का बयानथाना पुलिस से लिखापढ़ी में लापरवाही हुई है। पुलिस को उसी वक्त आशीष के खिलाफ प्राथमिकी लिखनी चाहिए जब वह शराब के नशे में थाने आया था। रही बात प्राथमिकी में महिला का जिक्र न होना तो परिजन ने जैसी तहरीर दी होगी उसी के आधार पर लिखापढ़ी की होगी। अभी विवेचना चल रही है जो भी नाम जरूरी होंगे वे सामने लाए जाएंगे।– दीपेंद्र चौधरी, डीसीपी साउथ Post navigation लता मंगेशकर का रक्षाबंधन का वो गाना, जिसे गाते हुए रो पड़ीं सिंगर