हरदोई , संवाददाता : Hardoi News: बैराजों से 1.19 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद हरदोई में गंगा और रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गंगा नदी में 65 सेंटीमीटर और रामगंगा में 42 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे कटियारी और कटरी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार को गंगा और रामगंगा नदी के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। गंगा नदी का जलस्तर 65 सेंटीमीटर बढ़कर 136.05 मीटर गेज पर पहुंच गया है, जो अब चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर के बेहद करीब है। वहीं, रामगंगा नदी में भी 42 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे इसका जलस्तर 134.80 मीटर गेज पर पहुंच गया है। नदियों के इस उफान से कटियारी और कटरी क्षेत्र के तटीय गांवों में संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीणों और किसानों की धुकधुकी बढ़ गई है। हरिद्वार, नरौरा और ड्यूनी बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी नदियों के जलस्तर में अचानक आई इस तेजी की मुख्य वजह पहाड़ों पर हो रही लगातार बरसात और बैराजों से भारी मात्रा में छोड़ा जा रहा पानी है। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न बैराजों से गंगा और गर्रा नदी में कुल 1,18,112 (लगभग 1.19 लाख) क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी के लिए हरिद्वार बैराज से 69,459 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 48,653 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इसके अलावा गर्रा नदी में पीलीभीत स्थित ड्यूनी बैराज से 1,035 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, गर्रा नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की मामूली कमी आई है, फिर भी पानी 144.30 मीटर के खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। कटियारी व कटरी क्षेत्र पर मंडराया खतरा, फसलें और कटान बनीं चिंता गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के उफान पर आने से जिले के बिलग्राम, सवायजपुर और शाहाबाद तहसील क्षेत्रों के कटियारी व कटरी इलाके सीधे तौर पर प्रभावित होने की कगार पर हैं। नदियों के समीपवर्ती गांवों के किसानों को फसलों के डूबने और उपजाऊ जमीन के कटान का डर सताने लगा है। इस स्थिति पर हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा का कहना है कि प्रशासन बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी आपात स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर संबंधित उपजिलाधिकारियों (SDM) से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है और संभावित बाढ़ से निपटने के सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। Post navigation लखनऊ मंडल के आस पास भारी बारिश का अलर्ट