बिश्रामपुर, संवाददाता : सूरजपुर जिले के अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर सरेआम यातायात रोककर बर्थडे मनाने वाले सात आरोपितों को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस के अनुसार 16 फरवरी की रात करीब 10–11 बजे सोनवाही स्थित आरव रेस्टोरेंट के सामने कुछ युवकों ने सड़क पर वाहन खड़े कर रास्ता जाम कर दिया और वहीं आतिशबाजी करते हुए जन्मदिन मनाने लगे।
इस दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी हुई और घटना का वीडियो भी सामने आया। मामले में लटोरी पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध धारा 285, 126(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर आरोपितों की तलाश के लिए दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं थी
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर आरोपितों की तलाश के लिए दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं थी। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही और तकनीकी इनपुट के आधार पर अलग-अलग स्थानों से सभी आरोपितों को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों में अंबिकापुर निवासी अमितेश गुप्ता उर्फ जानू पिता राकेश गुप्ता 24 वर्ष, अंशुल अग्रवाल पिता सोहनलाल अग्रवाल 25 वर्ष, प्रथम अग्रवाल पिता प्रमोद अग्रवाल 24 वर्ष, शुभम अग्रवाल पिता सुभाष अग्रवाल 23 वर्ष, महेश साहू पिता विनय साहू 27 वर्ष, निखिल राम पिता तुलसी राम 26 वर्ष सभी निवासी अंबिकापुर तथा लटोरी निवासी अरुण देवांगन पिता कैलाश देवांगन 39 वर्ष शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक ढंग से बाधा उत्पन्न कर वाहन खड़े किए और पटाखे फोड़े। इस पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 287, 288 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 201 भी जोड़ते हुए सभी सातों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
साथ ही दो चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए। पूरी कार्रवाई में लटोरी चौकी प्रभारी अरुण गुप्ता समेत पुलिस स्टाफ और साइबर सेल की टीम सक्रिय रही। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक मार्ग पर जश्न या स्टंट कर कानून व्यवस्था बाधित करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आरोपितों को पैदल न्यायालय तक ले गई पुलिस
बनारस मार्ग में जन्मदिन मनाने के नाम पर अव्यवस्था फैलाने वाले सातों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में रखा। इसके बाद पुलिस ने सभी को दोपहर बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। युवकों को पुलिस कोतवाली से पैदल न्यायालय तक लेकर गई।
