कानपुर, संवाददाता : बेकनगंज थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर मिली सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। रविवार को गिरोह के सदस्यों को पकड़कर उनके पास से कई पासबुक बरामद की।
बेकनगंज पुलिस ने गरीब और जरूरतमंदों से पांच हजार रुपये में बैंक खाते किराये पर लेकर उनमें ठगी की रकम मंगाने वाले छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में कर्नलगंज निवासी सरगना जावेद, गुजैनी के मर्दनपुर निवासी दीपक शर्मा, काकादेव हितकारीनगर निवासी प्रिंस गौतम, डबल पुलिया निवासी युवराज, चमनगंज निवासी मो. असद और बर्रा निवासी लक्ष्यदीप हैं। पुलिस को आरोपियों के पास से कई बैंकों की पासबुक बरामद हुई है।
एडीसीपी सेंट्रल डाॅ. अर्चना सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि बेकनगंज थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर सूचना आई थी। उसमें बताया गया था कि कुछ लोग क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते खुलवाकर पासबुक, डेबिट कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपने पास रख लेते हैं। बदले में लोगों को पांच हजार रुपये महीने दिए जा रहे हैं। अंदेशा जताया गया था कि इन खातों का प्रयोग साइबर ठगी और संदिग्ध लेनदेन में किया जा रहा है।
इस पर टीम ने जमुनिया रोड के पास से कर्नलगंज निवासी जावेद को पकड़ा
इस पर टीम ने जमुनिया रोड के पास से कर्नलगंज निवासी जावेद को पकड़ा। उसके पास से दो लोगों की पासबुक बरामद हुई। पूछताछ में उसने गुजैनी मर्दनपुर निवासी दीपक शर्मा समेत सभी आरोपियों के नाम कबूले। इन सभी को उठाकर पूछताछ की गई तो गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। आरोपियों के पास से बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, बंधन बैंक समेत अलग-अलग बैंकों की पांच पासबुक बरामद हुई हैं।
लोन दिलाने के बहाने भी ले लेते थे दस्तावेज
एडीसीपी डाॅ. अर्चना ने बताया की पकड़े गए आरोपियों में जावेद सरगना है। वह लोगों को लोन दिलाने के बहाने से उनके दस्तावेज लेकर खाता खुलवा लेता था। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने इन बैंक खातों में कितना ट्रांजेक्शन किया है। सोमवार को बैंक खुलने पर इसकी जानकारी की जाएगी। अब तक की पूछताछ में आरोपियों ने 25 लोगाें के खाते खुलवाने की बात स्वीकारी है। सभी को रविवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
