आगरा, संवाददाता : विजिलेंस टीम ने सेवानिवृत्त पीसीएस दीपक कृष्ण सिन्हा के आगरा स्थित आवासों पर छापा मारा। उन पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। छापे के दाैरान टीम को कई महंगी संपत्तियां मिली हैं।
गाजियाबाद के तत्कालीन अपर नगर आयुक्त दीपक कृष्ण सिन्हा ने गोरखपुर, आगरा, गाजियाबाद में कई संपत्तियां बनाईं। चार फ्लैट खरीदे, महंगा इंटीरियर कराया। ब्रांडेड सामान खरीदे, बाथरूम और किचन को सजाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में खुली जांच के बाद प्राथमिकी हुई थी।
बुधवार को गाजियाबाद के बाद बृहस्पतिवार को आगरा के उनके आवासों पर विजिलेंस टीम ने छापा मारा। आंकलन में कीमत एक करोड़ 91 लाख से अधिक पाई गई है। उनके खातों में भी लाखों का लेनदेन होने की जानकारी जांच में सामने आई है। मामले में विजिलेंस की कार्रवाई जारी है।
दीपक कृष्ण सिन्हा आगरा नगर निगम में वर्ष 2012 से 2017 के दौरान प्रभारी अपर नगर आयुक्त थे
दीपक कृष्ण सिन्हा आगरा नगर निगम में वर्ष 2012 से 2017 के दौरान प्रभारी अपर नगर आयुक्त थे। वह मुरादाबाद में भी तैनात रहे। एसपी विजिलेंस आगरा सेक्टर आलोक शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद के वीवीआईपी ऐड्रेसेस, राज नगर एक्सटेंशन निवासी दीपक कृष्ण सिन्हा के खिलाफ जनवरी 2022 में खुली जांच के आदेश हुए थे। उन पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे थे। मामले की जांच कर जनवरी 2025 में रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
इसमें पाया गया की जांच के लिए निर्धारित की गई अवधि में तत्कालीन अपर नगर आयुक्त ने 1.46 करोड़ की आय अर्जित की जबकि उन्होंने 3 करोड़ 28 लाख की संपत्ति अर्जित की। इस तरह उन्होंने 1.81 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की। 124 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इस पर 5 जुलाई 2025 को विजिलेंस आगरा सेक्टर थाने की निरीक्षक रेखा चौरसिया ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना की जा रही है। इसी क्रम में विजिलेंस आगरा सेक्टर की टीम ने बुधवार को तत्कालीन अधिकारी के गाजियाबाद स्थित आवास पर रेड डालने की कार्रवाई की। इसके बाद आगरा में छापा मारा गया है। उनके 804, वीवीआईपी एड्रेसेस, राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद स्थित आवास में लाखों रुपये के आधुनिक सुख-सुविधा के ब्रांडेड आइटम, बड़ी एलईडी, सीडी प्लेयर, कई एसी एवं अन्य सुख सुविधा के सामान रखे हुए थे। घर की तलाशी में कई बैंक अकाउंट और रजिस्ट्रियों के कागजात मिले।
अलग-अलग बैंकों में 11 खाते
विजिलेंस के मुताबिक, घर में रेड के दौरान तत्कालीन अधिकारी के कई खातों की जानकारी मिली। इनमें से विभिन्न बैंकों के 11 खातों में आरोपी के परिवारजन ने कई अन्य व्यक्तियों को कभी 20 तो कभी 50 लाख रुपये के बैंकिंग ट्रांजेक्शन किए हैं। जिन लोगों को रकम का आदान-प्रदान किया है, वह कौन हैं, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि रकम अलग-अलग संपत्ति खरीदनी में दी गई है। इस बात का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
घर के इंटीरियर और सामानों पर लाखों खर्च
गाजियाबाद के बाद विजिलेंस की टीम बृहस्पतिवार को आरोपी के पुष्पांजलि टावर, रूबी अपार्टमेंट, हरीपर्वत स्थित निवास पर भी पहुंची, जिसमें घर में इंटीरियर के साथ साथ महंगे घरेलू सामान, ब्रांडेड फर्नीचर, किचन वेयर, चार एसी एवं टॉयलेट में आदि आधुनिक सुख-सुविधा का सामान मिला, जिसकी कुल कीमत फ्लैट के अतिरिक्त लगभग 10 लाख रुपये है।
विजिलेंस की टीम आरोपी के अन्य निवेशों की जानकारी जुटा रही है। संबंधित निवेश के स्थानों और बैंकों के खातों को खंगाला जा रहा है। सभी का नियमानुसार मूल्यांकन कर विधिक कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है।
यह हैं संपत्ति
– पदम बिजनेस पार्क, आगरा में 925 वर्गफीट का फ्लैट, जिसकी कीमत 29.60 लाख थी। वर्तमान कीमत दोगुने से अधिक मानी जा रही है।
– हरीपर्वत स्थित रुबी अपार्टमेंट में 93 वर्गमीटर का फ्लैट, जिसकी कीमत रजिस्ट्री में 6.25 लाख है। वर्तमान में फ्लैट की कीमत भी अधिक आंकी गई है।
विष्णुपुरी, कानपुर नगर क्षेत्र में 1220 वर्गमीटर फ्लैट, जिसकी कीमत 8.58 लाख रुपये है।
विष्णुपुरी, कानपुर नगर क्षेत्र में 1220 वर्गमीटर फ्लैट, जिसकी कीमत 8.58 लाख रुपये है।
– वैभव खंड इंद्रापुरम, गाजियाबाद में 166 वर्गमीटर का फ्लैट, जिसकी कीमत 90.46 लाख रुपये है।
– घर में जांच के दौरान मिले जेवरात की कीमत वर्तमान में 56.70 लाख रुपये है।
– इस तरह वर्तमान में उनकी 1.91 करोड़ रुपये की संपत्तियों की जानकारी विजिलेंस टीम को मिली है।
