रायपुर, संवाददाता : राज्य महिला आयोग में डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में चौंकाने वाले मामले सामने आए। भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले में करीब 1.64 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को लेकर विवाद सामने आया।
महिला ने अपने हिस्से की मांग की। आयोग ने कलेक्टर दुर्ग को पत्र भेजकर संबंधित बैंक खाते के ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने की अनुशंसा की, ताकि निष्पक्ष सुलह हो सके।
मुआवजा लगभग 1.64 करोड़ रुपये
बता दें कि भारतमाला परियोजना में कोलिहापुरी की लगभग ढाई एकड़ जमीन निकली, जिसका मुआवजा लगभग एक करोड़ 64 लाख रुपये अनावेदक के अकाउंट में हैं। इस संपत्ति में आवेदिका अपना एक चौथाई हिस्सा चाहती है। उसके अन्य दो भाई और हैं।
आवेदिका के अनुसार कलेक्टर दुर्ग से इस परियोजना के तहत दो गुना कीमत प्राप्त हुआ है शेष दो गुनी कीमत के लिए मामला लंबित है। वहीं पुलिस पर फर्जी एफआइआर दर्ज कर एक महिला और उसके चार माह के बच्चे को जेल भेजने का आरोप लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण को जांच के निर्देश दिए हैं।
