नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारत की अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा मंगलवार को समाप्त कर दी और अब वे वियतनाम के दौरे के लिए रवाना हो गए हैं।
एमईए ने बताया सफल दौरा
रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि इस यात्रा से कई प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि यह दौरा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच भविष्य-उन्मुखी साझेदारी को और मजबूत आधार देता है।
भारत-दक्षिण कोरिया साझेदारी को मिला नया बल
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी है। राष्ट्रपति ली को नई दिल्ली से रवाना होते समय केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने विदाई दी।
अब वियतनाम दौरे पर राष्ट्रपति ली
राष्ट्रपति ली बुधवार को हनोई में तो लाम से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग और नेशनल असेंबली के चेयरमैन ट्रान थान मान से भी मुलाकात करेंगे।
बिजनेस फोरम में लेंगे हिस्सा
अपने वियतनाम दौरे के दौरान राष्ट्रपति ली एक बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे, जहां दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी। इसके बाद वे शुक्रवार को दक्षिण कोरिया लौट जाएंगे।
राष्ट्रपति मुर्मु से प्रभावित हुए ली
राष्ट्रपति ली ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की सराहना करते हुए कहा कि वे उनकी जीवन यात्रा से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने कठिन परिस्थितियों को पार करते हुए समाज, विशेषकर कमजोर वर्गों के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है।
‘मजबूत साझेदारी’ की ओर बढ़ेंगे दोनों देश
ली ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया अब एक ‘मजबूत साझेदार’ के रूप में आगे बढ़ेंगे और राजनीतिक व आर्थिक सहयोग से आगे जाकर व्यापक संबंध विकसित करेंगे। उन्होंने भारत की जनता और राष्ट्रपति मुर्मु के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया।
