वॉशिंगटन, डिजिटल डेस्क :भारत ने 1960 में सिंधु नदी के जल बंटवारे को लेकर पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता किया था । यह समझौता अवैध रूप से गठित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की मध्यस्थता में हुई थी। लेकिन भारत ने जहां पाकिस्तान के साथ तीन युद्धों और सीमापार से आए आतंकियों के हमलों के बावजूद छह दशकों तक इस समझौते का पालन किया, वहीं पाकिस्तान ने सिंधु नदी पर भारतीय परियोजनाओं को बाधित करने वाला आचरण किया। अब उसके नेता और सैन्य अधिकारी भारत को धमकी दे रहे हैं। इस आशय की रिपोर्ट अमेरिकी पत्रिका द नेशनल इंटरेस्ट में प्रकाशित की है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने समझौते को किया निलंबित भारत ने पिछले वर्ष पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए गए पहलगाम आतंकी हमले के बाद 2025 में सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत का निलंबन स्पष्ट रूप से शर्तों पर आधारित है जिसमें कहा गया कि यह तब तक प्रभावी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को संरक्षण देना बंद नहीं करता है। तीन जुलाई, 2026 को भारतीय विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जल समझौता का निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को प्रश्रय देना बंद नहीं करता है। भारत की समझौता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता- रिपोर्ट रिपोर्ट में भारत की समझौता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 1965, 1971, 1999 में पाकिस्तान के साथ युद्धों और 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले तथा 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बावजूद भारत ने जल समझौता को बनाए रखा। जबकि दोनों आतंकी हमलों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसई की भूमिका स्पष्ट थी। भारत की सहयोग की भावना के विपरीत पाकिस्तान ने समझौता से जुड़े विवाद खड़े करके भारत की तुलबुल नौवहन परियोजना, किशनगंगा, रतले और बगलिहार परियोजनाओं का कार्य दशकों तक बाधित किया। भारत ने समझौते के निलंबंन के बाद भी जल आपूर्ति जारी रखी भारत ने समझौते को निलंबित करते हुए भी पाकिस्तान को जल आपूर्ति जारी रखी है। लेकिन जल विज्ञान डेटा साझा करने, स्थायी सिंध आयोग की बैठकें रोक दी हैं और समझौता के विवाद समाधान तंत्र के साथ जुड़ाव खत्म कर दिया है। इसके अतिरिक्त भारत ने पाकिस्तान के हितों के विपरीत कोई कार्य नहीं किया है। इसके विपरीत पाकिस्तान की प्रतिक्रिया लगातार धमकियों की ओर बढ़ी है। उसके रक्षा मंत्री ने किसी भी हस्तक्षेप को युद्ध का कार्य बताया है और उसके सेना प्रमुख ने धमकी दी है कि भारतीय बांधों पर मिसाइलों से हमला किया जा सकता है। Post navigation जॉर्डन में ईरानी मिसाइलो और ड्रोन हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता मानसून सत्र से पहले उद्धव के 6 सांसदों का शिवसेना में विलय को मंजूरी, TMC के 20 बागी सांसद बैठेंगे अलग