पांच दिवसीय Bharat-Srilanka एचटीए कार्यशाला का आज से शुभारंभ

bharat-srilanka-hta-workshop

नई दिल्ली, ब्यूरो : श्रीलंका सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल के लिए स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (एचटीए) के संबंध में पांच दिवसीय ज्ञान आदान-प्रदान कार्यशाला का आज मंगलवार को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में औपचारिक रूप से शुभारंभ हुआ।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) की ओर से विदेश मंत्रालय के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य श्रीलंका में स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (एचटीए) को बढ़ावा और संस्थागत रूप देने के लिए रणनीतिक मार्ग विकसित करना है।

डीएचआर के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने इस पहल को द्विपक्षीय स्वास्थ्य कूटनीति और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया और क्षेत्रीय स्वास्थ्य पहलों को समर्थन देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया।

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त सचिव अनु नागर ने भी भारत के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (एचटीए) के प्रभावशाली योगदान पर प्रकाश डाला और विश्वास व्यक्त किया कि इस सिलसिले में ज्ञान का आदान-प्रदान श्रीलंका में एचटीए को संस्थागत रूप देने में लाभकारी होगा।

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग से संबद्ध संस्था एचटीएआईएन (हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट इंडिया) संपूर्ण भारत में स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों के मूल्यांकन और कम खर्च पर साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस पांच दिवसीय कार्यशाला में एचटीए के संस्थागत ढांचे, शासन, कार्यप्रणाली, मूल्य निर्धारण और क्रय संबंधी निर्णयों सहित कई विषयों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों में स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (एचटीए) की क्षमताओं और प्रणालियों को मजबूत करने के लिए संभावित सहयोगी पहलों की पहचान करना है।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World