नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘आईओएस सागर’ शुक्रवार को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पहुंचा। इस जहाज पर भारत समेत 16 देशों के नौसैनिक कर्मी मौजूद हैं। बहुराष्ट्रीय दल के साथ यह युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में अपने परिचालन तैनाती मिशन पर है।
श्रीलंकाई नौसेना ने किया स्वागत
श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश के दौरान श्रीलंका नौसेना के एक युद्धपोत ने आईओएस सागर को एस्कॉर्ट करते हुए कोलंबो बंदरगाह तक पहुंचाया। भारतीय नौसेना के अनुसार, तीन दिवसीय इस पोर्ट कॉल का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करना तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करना है।
समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर जोर
यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत और श्रीलंका की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कोलंबो प्रवास के दौरान आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इनमें वेस्टर्न नेवल एरिया के कमांडर और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग नेवल फ्लीट शामिल हैं।
इसके अलावा कमांडिंग ऑफिसर कोलंबो स्थित भारत के उच्चायुक्त से भी मुलाकात करेंगे। वहीं, श्रीलंका नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ भारतीय जहाज का दौरा कर बहुराष्ट्रीय दल के नौसैनिकों से संवाद करेंगे।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन
इस यात्रा के दौरान कई पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘आईओएस सागर 2026’ अभियान के उद्देश्यों पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम भी होगा। भारत और श्रीलंका नौसेना के कर्मियों के बीच वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसे मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच सहयोग और सौहार्द बढ़ाना है।
स्थानीय लोगों के लिए भी खुलेगा जहाज
कोलंबो बंदरगाह पर प्रवास के दौरान जहाज को स्थानीय आगंतुकों के लिए भी खोला जाएगा। श्रीलंका नौसेना के कर्मी, स्कूली बच्चे और कोलंबो में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग जहाज का दौरा कर सकेंगे।
आईओएस सागर का दल कोलंबो पोर्ट, गॉल, कैंडी और पिन्नावाला जैसे स्थानों का सांस्कृतिक और पेशेवर दौरा भी करेगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और आपसी समझ को मजबूत करना है।
18 मई को होगा ‘पासेक्स’ अभ्यास
आईओएस सागर 18 मई को कोलंबो से रवाना होगा। प्रस्थान के समय भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के बीच ‘पासेज एक्सरसाइज’ (पासेक्स) आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है।
‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का उदाहरण
भारतीय नौसेना के अनुसार, आईओएस सागर की यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह हिंद महासागर क्षेत्र में सामूहिक समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
