bharat-uaeNew Delhi: External Affairs Minister S. Jaishankar during Iftar hosted by UAE ambassador Abdulnasser Alshaali,in New Delhi,on Saturday, April 8, 2023.(Photo:IANS/Twitter)

नई दिल्ली,एजेंसी : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने कहा है कि भारत की रचनात्मक कूटनीतिक परंपरा और विश्वसनीयता उसे वैश्विक संकटों में अहम भूमिका निभाने के योग्य बनाती है। उन्होंने यह बातें आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहीं।

ईरान के हमलों से खाड़ी में बढ़ा तनाव

राजदूत ने कहा कि 28 फरवरी से ईरान द्वारा यूएई और उसके पड़ोसी देशों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। 29 मार्च तक यूएई को 414 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1,914 ड्रोन से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि ये हमले उन देशों पर भी हुए हैं, जो इस संघर्ष में सीधे शामिल नहीं हैं, बल्कि तनाव कम करने की कोशिश कर रहे थे।

ग्लोबल ट्रेड और तेल सप्लाई पर खतरा

अब्दुलनासिर अलशाली के अनुसार, ईरान के हमलों से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा कमजोर हुई है और वैश्विक व्यापार तंत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा अवसंरचना जैसे साउथ पारस फील्ड, कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी और हबशान गैस फैसिलिटी को निशाना बनाना वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

यूएई ने हमलों को किया खारिज

उन्होंने स्पष्ट किया कि यूएई इन हमलों को सही ठहराने वाली किसी भी दलील को पूरी तरह खारिज करता है। साथ ही कहा कि देश अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि यूएई में रहने वाले 200 से अधिक देशों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें 40 लाख से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा घायलों से मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर नागरिक और निवासी की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारत की भूमिका पर बोलते हुए राजदूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पहले वैश्विक नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने संकट के बाद यूएई नेतृत्व से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का समर्थन कर मजबूत संदेश दिया है कि संप्रभुता पर हमले और नागरिकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।

भारत की कूटनीति की वैश्विक पहचान

अब्दुलनासिर अलशाली ने कहा कि भारत एक बड़ी शक्ति है, जिसके पश्चिम एशिया में गहरे संबंध हैं। उसकी कूटनीतिक परंपरा की विश्वसनीयता उसे ऐसे संकटों में प्रभावी मध्यस्थ बना सकती है।