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अलीगढ़ , संवाददाता : खैर रोड स्थित सांवरिया लॉज के सामने अवैध कब्जे के खिलाफ जमकर ‘महाबली’ (जेसीबी) गरजा। इस कार्रवाई से लगभग 60 करोड़ रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन को भू माफिया के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है।

सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत 27 जून को अलीगढ़ नगर निगम और जिला प्रशासन ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। खैर रोड स्थित सांवरिया लॉज के सामने, कस्बा कोल (गाटा संख्या 2516) पर अवैध कब्जे के खिलाफ जमकर ‘महाबली’ (जेसीबी) गरजा। इस कार्रवाई से लगभग 60 करोड़ रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन को भू माफिया के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है।

27 जून को सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह, संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता और तहसीलदार कोल की नायब तहसीलदार श्वेता सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ टीम ने अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके तुरंत बाद नगर निगम ने जमीन को अपने कब्जे में लेकर वहां ‘नगर निगम स्वामित्व’ का बोर्ड स्थापित कर दिया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के भूमाफिया में हड़कंप मच गया है।

ड्रोन सर्वे और पैमाइश के बाद हुई कार्रवाई

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि ग्राम कस्बा कोल स्थित गाटा संख्या-2516, खैर रोड पर नगर निगम स्वामित्व की लगभग 2.098 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण की मंशा रखने वालों के लिए एक बड़ा उदाहरण और सीख है।

उन्होंने  बताया कि इस बहुमूल्य भूमि की पैमाइश और चिन्हांकन राजस्व विभाग तथा नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा पहले ही पूरा कर लिया गया था। सुरक्षा और सटीकता के लिए संपत्ति का ड्रोन सर्वे कराकर एक नजरिया नक्शा भी तैयार किया गया था।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से निपटा अभियान
इस हाई-प्रोफाइल अभियान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नगर आयुक्त ने पहले ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  से संपर्क कर पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिस बल और क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की उपलब्धता सुनिश्चित कराई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के कारण कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य रही।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि नगर निगम की सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।  सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का यह अभियान पूरी पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया के तहत निरंतर जारी रहेगा।