कराची, एजेंसी : पाकिस्तान कंगाली की कगार पर खड़ा है। भुखमरी जैसे हालात हैं और महंगाई चरम पर है। खाने-पीने की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। पाकिस्तान की हालत खुद फटेहाल है लेकिन उसने बांग्लादेश को लेकर जो कदम उठाया है उस बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल, बांग्लादेश को पाकिस्तान एक लाख टन चावल निर्यात करेगा। पाकिस्तान ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब खुद उसके देश लोग परेशान हैं।
बेहतर हुए पाकिस्तान-बांग्लादेश के रिश्ते
देखा जाए तो यह पिछले वर्ष अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद से दोनों देशों के बीच बेहतर हुए व्यापार संबंधों को भी दर्शाता है। टीसीपी के एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए पिछले सप्ताह ‘ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ पाकिस्तान’ (टीसीपी) द्वारा निविदा जारी की गई थी। यह पाकिस्तान से बांग्लादेश को भेजी जाने वाली चावल की अब तक की सबसे बड़ी खेप है। इस वर्ष फरवरी में दोनों देशों द्वारा चावल आयात के साथ सरकारी स्तर पर व्यापार शुरू करने के बाद 50,000 टन चावल की पहली खेप निर्यात की गई।
चावल निर्यातक ने क्या कहा ?
एक प्रमुख चावल निर्यातक ने कहा कि अगर बांग्लादेश के साथ व्यापार बढ़ता है तो यह कारोबार के लिए अच्छा होगा क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में चावल निर्यात में 28 फीसदी की गिरावट आई है। पंजाब प्रांत में अपनी चावल मिल चलाने वाले वकार अहमद ने कहा, “सरकार की ओर से हमें अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरी प्रक्रिया जटिल हो जाती है।” उन्होंने कहा कि गिरावट का कारण पिछले वर्ष भारत द्वारा चावल निर्यात को फिर से शुरू करना तथा सरकार द्वारा बासमती के न्यूनतम निर्यात मूल्य को हटाना व चावल निर्यात पर शून्य दर लागू करना है।
पाकिस्तानी निर्यातकों के पास है अवसर
वकार ने कहा, “पिछले वर्ष से पाकिस्तानी निर्यातक भारत के साथ अच्छी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं तथा हमारे पास चावल निर्यात बढ़ाने के अवसर हैं, विशेष रूप से अमेरिकी बाजार में क्योंकि अमेरिका ने बासमती चावल सहित भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।” (भाषा)
