अररिया, संवाददाता : फारबिसगंज के पोखर बस्ती वार्ड संख्या 15 में 12 मार्च की रात रसोई गैस के अवैध भंडारण मामले में अनुमंडल प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में 261 गैस सिलेंडर बरामद हुए थे।
लोगों का कहना है कि रसोई गैस को लेकर जहां आम जनता परेशान है। वहीं, भारी मात्रा में गैस का भंडारण स्थानीय प्रशासन के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
जानकारों का कहना है कि अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर भले ही स्थानीय थाना में पोखर बस्ती निवासी साबिर अंसारी एवं पुत्र इमरान अंसारी पर केस दर्ज कराया गया है, लेकिन इसके भंडारण का इनके कॉल डिटेल से ही खुलेगा।
रसोई गैस अवैध भंडारण मामले की जांच में पिता पुत्र का कॉल डिटेल अहम कड़ी साबित हो सकती है। इनके कॉल डिटेल से यह पता लगाया जा सकता है कि दोनों पिता-पुत्र कौन से गैस एजेंसी संचालक से संपर्क में थे एवं किस एजेंसी की मिली भगत से रसोई गैस को दोनों ने मिलकर भंडारण किया था?
साक्षी गैस एजेंसी का नाम
जानकारों का कहना है कि पुलिस पिता पुत्र के बैंक एकाउंट डिटेल एवं ट्रांजैक्शन से भी अवैध भंडारण में सहयोग करने वाले गैस एजेंसी को चिन्हित कर सकती है।
इधर, एसडीओ के निर्देश पर फारबिसगंज थाना में एमओ इंद्रजीत कुमार ने मामले में साबिर अंसारी एवं पुत्र इमरान अंसारी पर केस दर्ज कराया है।
दर्ज केस में बताया गया है कि अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर छापेमारी की गई। जिसमें 261 पीस रसोई गैस सिलेंडर बरामद हुए हैं।
छापेमारी के दौरान आरोपित पिता पुत्र दोनों फरार हो गए। बरामद किए गए 261 पीस सिलेंडर को स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर साक्षी गैस एजेंसी को जिम्मेनामा पर दिया गया है।
क्या कहते है SDPO
मामले में पूछे जाने पर एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने कहा कि इतनी भारी मात्रा में रसोई गैस सिलेंडर का भंडारण गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस भंडारण प्रकरण में गैस एजेंसी संचालक की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।
हालांकि उन्होंने प्रकरण की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही। एसडीपीओ ने कहा कि इस प्रकरण की जांच में कॉल डिटेल एवं बैंक ट्रांजैक्शन अहम कड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने सभी बिंदुओं पर जांच कर करवाई की बात कही है।
