लखनऊ, संवाददाता : राजधानी के बिजनौर स्थित सैनिक विहार कॉलोनी में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही ने एक मासूम का जीवन तबाह कर दिया। विभाग ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए ट्रांसफार्मर की जाली से घेरा बंदी नहीं जिससे एक मासूम चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। वर्तमान में बच्चा KGMU (मेडिकल कॉलेज) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है, जबकि गरीब पिता न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि स्थानीय निवासी लंबे समय से जिस सुरक्षा जाली लगाने की मांग कर रहे थे, उस पर विभाग ने तब तक ध्यान नहीं दिया जब तक कि मासूम बच्चा करंट की चपेट में नहीं आ गया। 11 जनवरी को हुए हादसे के ठीक दो दिन बाद, जब बच्चा KGMU मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर और मौत के बीच झुलस रहा है, तब बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए आनन् -फानन में ट्रांसफार्मर के चारों ओर जाली लगा दी।
मूल रूप से इकबाल खेड़ा (भदेशव) के निवासी राकेश पाल, जो सैनिक विहार कॉलोनी बिजनौर लखनऊ में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते हैं, उनके घर के ठीक सामने बिजली विभाग ने एक ट्रांसफार्मर लगा रखा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह ट्रांसफार्मर जमीन से बहुत कम ऊंचाई पर है और इसके चारों ओर कोई सुरक्षा जाली नहीं है। 11 जनवरी 2026 को खेल रहा मासूम अचानक इस ‘मौत के जाल’ (ट्रांसफार्मर) के संपर्क में आ गया। हाई-वोल्टेज करंट ने बच्चे को बुरी तरह झुलसा दिया।
पीड़ित पिता राकेश पाल ने माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। इसके साथ परिवार ने
लापरवाही बरतने वाले संबंधित JE और लाइनमैन को तत्काल निलंबित करने और मुआवजा देने की मांग की है।
