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 बिलासपुर,संवाददाता :  मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। दो दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा ने शहर को फिर तरबतर कर दिया है। सोमवार रात से शुरू हुई तेज वर्षा का सिलसिला मंगलवार शाम तक झड़ी के रूप में जारी रहा, जबकि शाम ढलते ही बादलों ने दोबारा जोर पकड़ा। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार पिछले 24 घंटों में 53.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है और शहर अब तक सामान्य से 128.4 प्रतिशत वर्षा प्राप्त कर चुका है।

मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे के बाद शहर में वर्षा की रफ्तार बढ़ गई, जिससे प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई। लगातार दो दिनों से सक्रिय मानसूनी गतिविधियों के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है और बादलों का डेरा लगातार कायम है। भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 53.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस मानसून सीजन में शहर में अब तक 128.4 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर श्रीगंगानगर, रोहतक, हमीरपुर, सीधी, रांची, दीघा और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। वहीं उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश तथा उसके आसपास 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 5.8 से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक दूसरा चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है

पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 5.8 से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक दूसरा चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक छत्तीसगढ़ होते हुए द्रोणिका सक्रिय है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक एक और ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण प्रभावी है। विभाग ने 22 जुलाई को प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा एक-दो स्थानों पर गरज-चमक, वज्रपात और भारी वर्षा की संभावना जताई है। भारी वर्षा का क्षेत्र बिलासपुर संभाग के जिले संभावित हैं।

इन कारणों से मजबूत हुआ मानसून

मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के मुताबिक मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक साथ सक्रिय कई मौसमी प्रणालियां वर्षा की तीव्रता बढ़ा रही हैं। मानसून द्रोणिका, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण तथा पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक फैली द्रोणिका के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है।

अगले 24 घंटे रहेंगे अहम

मौसम विभाग ने 22 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग के अनुसार भारी वर्षा का मुख्य प्रभाव बिलासपुर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

तापमान सामान्य से कम,उमस

शहर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम रहा। बावजूद इसके अभी उमस कम नहीं हुई है। दिनभर लोगों को उमस महसूस होती रही। मौसम विभाग का यह भी कहना था कि पेंड्रारोड में भी जबरदस्त वर्षा हुई है। जिस वजह से आने वाले दिनों में अरपा नदी में जल का स्तर बढ़ सकता है।