शिवपुरी, संवाददाता : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी द्वारा थार गाड़ी से तीन राहगीरों को टक्कर मारने के मामले ने नया रंग ले लिया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) आइपीएस अधिकारी डॉ. आयुष जाखड़ ने हादसे को लेकर पूछताछ में उनके बेटे से कहा कि करैरा में दिख मत जाना।
इससे खफा विधायक ने सोमवार सुबह बहुप्रसारित एक वीडियो में धमकी भरे अंदाज में कहा- ‘एसडीओपी साहब, करैरा क्या तुम्हारे डैडी का है..? वह (मेरा बेटा) करैरा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। अपनी औकात और कानून के दायरे में रहो, हमारा इतिहास भी देख लेना।’
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, मामला पार्टी के संज्ञान में
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगने पर इतना ही कहा कि मामला पार्टी के संज्ञान में है। बता दें कि करैना क्षेत्र में गत 16 अप्रैल को विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से पांच राहगीरों को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। विधायक के खिलाफ पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली थी।मामले की जांच की जा रही है।
हादसे का कांग्रेसीकरण, जैसे कोई आतंकवादी घटना कर दी हो
वीडियो में विधायक लोधी यह भी कह रहे हैं कि एक्सीडेंट के बाद उन्होंने खुद एसपी से बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा था। गाड़ी थाने भिजवाकर जमानत कराई। बेटे को भी पूछताछ के लिए भेजा, इसके बावजूद हादसे का कांग्रेसीकरण कर ऐसे प्रस्तुत किया जा रहा है, जैसे कोई आतंकवादी घटना कर दी हो।
अपनी औकात और कानून के दायरे में रहें
उन्होंने कहा कि एक आदिवासी महिला को ट्रक ने कुचल दिया। क्या वहां देखने एसडीओपी गए? वहां नहीं गए, क्योंकि वहां पैसा नहीं मिलना था। वहां जाते हो, जहां पैसा मिलता है। ऐसे अधिकारी को कहना चाहता हूं कि अपनी औकात और कानून के दायरे में रहें। कानून हमें भी आता है और कानून हम भी जानते हैं।
वहीं, एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ का कहना है कि पुलिस ने दिनेश लोधी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए थाने बुलाया था। मैंने उनसे यह बात कही ही नहीं है कि करैरा में दिख नहीं जाना। पूरी कार्रवाई नियमानुसार और कानून के दायरे में रहकर की गई थी।
बंगले को गोबर से भरने की बात कही
सोमवार को प्रसारित हुए वीडियो में विधायक कह रहे हैं कि अगर एसडीओपी ने उनके द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दिया या स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो वह 10 लोगों के साथ उनके बंगले पर पहुंचेंगे और उसे गोबर से भर देंगे।
विधायक का आरोप है कि पुलिस उनके बेटे के एक्सीडेंट वाले मामले में एकतरफा कार्रवाई कर रही है और उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है।
