bribery money was distributed among officers and fathers in municipal corporation kanpur

अपर नगर आयुक्त (प्रथम) कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़े गए पीए राजेश यादव ने विजिलेंस अधिकारियो को पूछताछ में कुछ अधिकारियो व् कर्मचारियो के नाम बताए हैं, जिन्हें घूस के रुपयों में हिस्सा मिलता था। उधर, नगर आयुक्त के निर्देश में नगर निगम में भी राजेश यादव के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दिया है। 27 अगस्त को कार्यालय खुलने पर उसे निलंबित किया जाना लगभग तय कहा जा रहा है।

विजिलेंस के इंस्पेक्टर प्रदीप यादव की टीम ने 24 अगस्त को नगर निगम मुख्यालय कानपूर स्थित अपर नगर आयुक्त (प्रथम) मोहम्मद आवेश खान के कार्यालय से उनके पीए राजेश यादव को 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके अतरिक्त तलाशी लेने पर उसकी जेब से 26 हजार रुपये भी बरामद किये गए थे। राजेश यादव को रविवार को लखनऊ स्थित पीसी एक्ट कोर्ट नंबर – 8 में पेश किया गया।

सूत्रों के मुताबिक जेल भेजे जाने से पहले हुई पूछताछ में राजेश ने कई वर्षो से सुविधा शुल्क के नाम पर रिश्वत लेने और इसका हिस्सा कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों में बटने, मौजूदा समय में भी एक अधिकारी और एक बाबू में यह धनराशि बटने का दावा किया।