जगदलपुर, संवाददाता : Pandum 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर का ऐतिहासिक लालबाग मैदान बस्तर पंडुम 2026 के आगाज के साथ ही अपनी विविध कलाओं से सबको मोहित कर रहा है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर का ऐतिहासिक लालबाग मैदान बस्तर पंडुम 2026 के आगाज के साथ ही अपनी विविध कलाओं से सबको मोहित कर रहा है। सभी छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। यह पंडुम लोक-संस्कृति के एक विशाल संगम के रूप में तब्दील हो गया है। सात से नौ फरवरी तक तीन दिवसीय इस भव्य महोत्सव के प्रथम दिवस पर जब छत्तीसगढ़ समेत अलग-अलग राज्यों के आदिवासी नर्तक टीम मंच पर उतरे, तो बस्तर की फिजाओं में सौंधी मिट्टी की महक घुल गई। आयोजन के पहले दिन की शाम पूरी तरह से अंतरराज्यीय लोकनृत्यों के नाम रही, जहां विविधता में एकता की एक जीवंत तस्वीरें देखने को मिलीं आयोजन के पहले दिन की शाम पूरी तरह से अंतरराज्यीय लोकनृत्यों के नाम रही, जहां विविधता में एकता की एक जीवंत तस्वीरें देखने को मिलीं। सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण दूसरे प्रदेशों से आए जनजातीय दलों की मनमोहक प्रस्तुतियां भी रहीं, जिन्होंने दर्शकों को अपनी कुर्सियों से बंधे रहने पर मजबूर कर दिया। मंच पर जैसे ही पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के कलाकारों ने ‘गुदुम बाजा नाच’ की थाप छेड़ी, तो वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण ऊर्जा से सराबोर हो गया। इस जोश के बीच आंध्र प्रदेश की ‘डिमसा’ नृत्य की लय और सामूहिक पद-संचालन ने दर्शकों को एक अलग ही दुनिया की सैर कराई। सांस्कृतिक रंगों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा तेलंगाना के ‘लम्बाड़ी’ और कर्नाटक के ‘बंजारा’ नृत्य ने अपनी चटक रंग-बिरंगी वेशभूषा और पारंपरिक आभूषणों की खनक से लालबाग मैदान की रौनक बढ़ा दी सांस्कृतिक रंगों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा तेलंगाना के ‘लम्बाड़ी’ और कर्नाटक के ‘बंजारा’ नृत्य ने अपनी चटक रंग-बिरंगी वेशभूषा और पारंपरिक आभूषणों की खनक से लालबाग मैदान की रौनक बढ़ा दी। इन नृत्यों में बंजारा समुदाय की जीवनशैली और उल्लास साफ झलक रहा था। वहीं महाराष्ट्र से आए दल ने ‘लिंगो नाच’ के जरिए अपनी पुरातन परंपरा, आस्था और कला का ऐसा अद्भुत संगम प्रस्तुत किया कि उपस्थित कला प्रेमी देर तक तालियां बजाते रहे। इन विविध नृत्यों ने यह सिद्ध कर दिया कि भाषा और क्षेत्र भले ही अलग हो, लेकिन सुर, ताल और भावनाओं की भाषा एक है। दर्शकों की भारी भीड़ और उनकी उत्साहजनक प्रतिक्रिया ने बस्तर पण्डुम के पहले दिन को यादगार बना दिया, जिससे आने वाले दो दिनों के लिए भी उत्सुकता और बढ़ गई है। Post navigation CG : रायगढ़ में सड़क पार करते दिखा हाथियों का दल, वन विभाग ने दी चेतावनी J&K Budget 2026-27: बजट में छह मुफ्त गैस सिलिंडर की घोषणा