नई दिल्ली, ब्यूरो : CM Rekha Gupta : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री आम लोगों की शिकायतें सुन रही थीं।
हमले के बाद बनी भगदड़ जैसी स्थिति
हमले की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में मोर्चा संभालते हुए हालात पर काबू पाया और सभी फरियादियों को बाहर निकाल कर परिसर को खाली कराया।
वहीं, घटना के बाद परिसर से निकले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही मिनट में ऐसा हो गया जिसकी कोई भी कल्पना नहीं कर सकता। किसी तरह सभी पुलिस घेरे में बाहर निकले और राहत की सांस ली।
क्या बोले चश्मदीद ?
मुकेश पाल सिंह अपने साथियों के साथ मुख्यमंत्री के सामने अपनी फरियाद लेकर आया था। इससे पहले भी बस मार्शल के मुुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। हमलावर हमसे आगे ही था जैसे ही उसका नंबर आया उसने पहले मुख्यमंत्री से कुछ कहा और फिर उन पर हमला कर दिया।
नासिक से डॉ. शिवप्रसाद महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलने आया था। मुझसे आगे दस फरियादी और थे। उसके बाद मेरा नंबर आना था, लेकिन अचानक समझ नहीं आया कि कोई इस तरह मुख्यमंत्री पर हमला कैसे कर सकता है। घटना के बाद से बहुत दुखद हूं।
नवनीत कुमार ने बताया कि पूरे परिसर में सौ से 150 लोग अपनी फरियाद लेकर आए थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। मुख्यमंत्री हमेशा की तरह बहुत आराम से सभी की परेशानियां सुन रही थीं। हम भी लाइन में अपनी बारी आने के इंतजार में थे। अचानक हमला हुआ और मात्र कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल ही तनावपूर्ण हो गया और सब बाहर आ गए। –
संजय ने बताया कि मुख्यमंत्री के जनसुनवाई कार्यक्रम में पहले भी शामिल हो चुके हैं। उन्होंने बहुत आराम से हमारी बात सुनी थी। इस बार भी अपने मुद्दे को लेकर उनसे मिलने आए थे, लेकिन वहां ऐसा हादसा हो गया जो कभी नहीं सोचा था। ऐसा अनुभव जीवन में कभी महसूस नहीं किया।