लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : गौतमबुद्ध नगर में हाल ही में औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। औद्योगिक श्रमिकों की मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी के फैसले के बाद राज्य के सरकारी विभागों में कार्यरत करीब चार लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय भी बढ़ाया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बढ़े हुए मानदेय को लागू करने की तारीख की घोषणा जल्द की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुजफ्फरनगर में आयोजित एक जनसभा के दौरान इस दिशा में संकेत दिए हैं।
चार श्रेणियां निर्धारित की गई थीं
दरअसल, राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया था। इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए चार श्रेणियां निर्धारित की गई थीं। तय मानदेय के अनुसार श्रेणी-1 के कर्मियों को 40,000 रुपये, श्रेणी-2 को 25,000 रुपये, श्रेणी-3 को 22,000 रुपये और श्रेणी-4 को 20,000 रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान किया गया है।
सलाहकारों के चयन की प्रक्रिया जारी
निगम का गठन कंपनी अधिनियम के तहत किया जा चुका है और इसके संचालन के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ-साथ प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां भी हो चुकी हैं। फिलहाल सलाहकारों के चयन की प्रक्रिया जारी है।
फैसला जल्द लागू किए जाने की संभावना
सूत्र बताते हैं कि शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी के बाद अब सरकार आउटसोर्स कर्मियों को भी इसका लाभ देने की तैयारी में है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस फैसले को जल्द लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध – सीएम
मुजफ्फरनगर की जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को उचित मानदेय सुनिश्चित करने के लिए ही निगम का गठन किया गया था, जिसकी सिफारिशें जल्द लागू होंगी।
साथ ही सफाई जैसे आउटसोर्स कार्यों में लगे कर्मियों के लिए न्यूनतम मानदेय की गारंटी भी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार इस व्यवस्था को न केवल सरकारी विभागों में, बल्कि औद्योगिक संस्थानों में भी लागू करने की योजना बना रही है।
