आगरा ,संवाददाता : आगरा में दरोगा पर एफआईआर से नाम हटाने के बदले 20 लाख रिश्वत मांगने का आरोप लगा, जिसका वीडियो वायरल हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दरोगा को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है।
रोहता, सदर निवासी पूर्व फाैजी नगेंद्र सिंह ने पुलिस आयुक्त से शिकायत में कहा कि वह कारगिल युद्ध में आपरेशन विजय का हिस्सा रहे थे। उन्होंने रोहता निवासी जयप्रकाश से 19 अगस्त 2021 को फतेहाबाद के गांव मुबारिकपुर में जमीन का बैनामा कराया। वो काबिज हैं। जयप्रकाश को चेक से 52 लाख रुपये का भुगतान किया था। 5 साल बाद जुलाई 2025 में थाना इरादतनगर में धोखाधड़ी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। नगेंद्र ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटीशन संख्या दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विवेचक को न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश दिए थे। विवेचक मानवेंद्र गंगवार ने शपथ पत्र दाखिल नहीं किया। नगेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि विवेचक ने प्रति व्यक्ति के हिसाब से 5 लाख रुपये की मांग की। धनराशि नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने बातचीत के वीडियो-आडियो बना लिए। बुधवार को आगरा कमिश्नरेट के भ्रष्टाचर विरोधी नंबर पर शिकायत की।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अपर पुलिस आयुक्त को जांच के आदेश दिए हैं
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अपर पुलिस आयुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो प्राथमिकी दर्ज होगी। दरोगा को प्रथम दृष्टया आरोप पर निलंबित कर दिया गया है।
डीसीपी के लिए बोले अपशब्द, कहा… शादी थी, इसलिए नहीं ली चाैकी
दरोगा मानवेंद्र गंगवार वर्ष 2023 बैच का है। वीडियो में वह डीसीपी के बारे में अपशब्द बोलते सुना जा सकता है। कह रहा है कि यह मामला 20-25 हजार का नहीं है। जब एसपीओ की राय आई तो एक प्रधान सहित सात नाम और आए। 25-25 हजार लेकर मामला निपटा दिया। दो-तीन दिन में एसओ बदलने वाले हैं। दरोगा बोल रहा है कि उसे चाैकी मिलने वाली थी। मगर उसने शादी होने की वजह से नहीं ली।
एसएसआई ने थाने में डायरी में रखवाई घूस की रकम, निलंबित
थाना अछनेरा में तैनात एसएसआई जितेंद्र यादव पर आरोप लगे हैं। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज वायरल हुआ है। आरोप है कि उन्होंने डायरी में रिश्वत ली। वीडियो में दिख रहा है कि एसएसआई कुर्सी पर बैठे हैं। एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि मामले में रिश्वत की शिकायत पर एसएसआई को निलंबित कर दिया गया है। जांच की जा रही है। दोषी मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज नवंबर का है।
