Delhi की हवा में सुधार, सर्दी के मौसम में केवल 10 दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में AQI

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नई दिल्ली ,डिजिटल डेस्क : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि 2025-26 की सर्दियों (अक्टूबर-जनवरी) के दौरान दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर केवल 10 दिन रही, जबकि 2016-17 में यह आंकड़ा 31 दिन था। उन्होंने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत 130 शहरों द्वारा किए गए प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिनमें से 103 शहरों में 2017-18 की तुलना में 2024-25 में पीएम10 की सांद्रता में कमी देखी गई है। इनमें से 64 शहरों में पीएम10 के स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और इनमें से 25 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों को गिनाते हुए कहा कि दिल्ली का औसत एक्यूआइ 2018 में 225 से सुधरकर 2025 में 201 हो गया है।

सरकार ने 703 कंपनियों पर लगाया 55 करोड़ रुपये जुर्माना

केंद्र सरकार ने कंपनी कानून के प्रविधानों का पालन न करने पर 703 कंपनियों पर कुल मिलाकर 55 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। लोकसभा में लिखित जवाब में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए, कार्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रविधानों का पालन न करने में वृद्धि का कोई संकेत नहीं मिला है।

मंत्रालय ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के दौरान 703 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में, 1,066 कंपनियों पर 109 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया था। आंकड़ों से यह भी पता चला कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में जुर्माने के रूप में 7.51 करोड़ रुपये से कुछ अधिक की वसूली की गई।

इस्पात निर्माताओं के कार्टेलाइजेशन की हो रही जांच

सरकार ने सोमवार को बताया कि प्रतिस्पर्धा आयोग इस्पात निर्माताओं द्वारा कथित कार्टेलाइजेशन (आपसी सांठगांठ) की जांच कर रहा है और जांच रिपोर्ट संबंधित पक्षों के साथ साझा कर दी गई है ताकि वे प्रतिस्पर्धा कानून के अनुसार अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकें।

लोकसभा को यह भी सूचित किया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों से संबंधित 54 मामले दर्ज किए और 2025 में 149 विलय (एमएंडए) के आवेदन प्राप्त किए। एक लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सीसीआइ ने इस्पात निर्माताओं द्वारा कथित कार्टेलाइजेशन से संबंधित एक मामला दर्ज किया है।

तमिलनाडु ने केंद्र की मंजूरी के लिए पांच वर्षों में 45 उत्खनन प्रस्ताव भेजे

सरकार ने संसद को बताया कि तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग ने पिछले पांच वर्षों में पुरातात्विक खुदाई कराने के लिए केंद्र से मंजूरी लेने के लिए 45 प्रस्ताव भेजे हैं। सरकार ने आगे कहा कि 2025 में खुदाई के लिए भेजे गए बारह अनुरोधों में से आठ विचाराधीन हैं।

द्रमुक सांसद कनिमोझी ने यह भी पूछा कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई पीठ ने हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को थूथुकुडी के आदिचनल्लूर में पुरातात्विक खुदाई जारी रखने के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा किए गए किसी भी अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने और पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया है। इस पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखित जवाब में कहा, हां। 

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