दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा मन पसंद परीक्षा केंद्र, UPSC का बड़ा निर्णय

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क :संघ लोक सेवा आयोग ने इस साल की सिविल सेवा परीक्षा में एक और बदलाव किया है। मानक दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यूपीएससी ने अपने परीक्षा केंद्र आवंटन ढांचे में नए प्रविधान किए हैं।

यूपीएससी ने कहा है कि संशोधित व्यवस्था के तहत प्रत्येक दिव्यांग अभ्यर्थी को उनका पसंदीदा परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा, जिससे सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने में उन्हें सुविधा होगी। इससे एक दिन पहले यूपीएससी ने कहा था कि आइएएस या आइएफएस में कार्यरत कोई भी उम्मीदवार 2026 की सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा।

इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित होगी। यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा-2026 और भारतीय वन सेवा परीक्षा-2026 के लिए कई उपाय लागू किए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों की सुविधा बढ़ाना और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है।

व्यवस्था के तहत दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीट संख्या की कोई सीमा नहीं होगी

संशोधित व्यवस्था के तहत दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीट संख्या की कोई सीमा नहीं होगी। प्रारंभ में प्रत्येक केंद्र की मौजूदा क्षमता का उपयोग दिव्यांग और गैर-दिव्यांग दोनों अभ्यथियों के लिए किया जाएगा।

हालांकि, एक बार किसी केंद्र की पूरी क्षमता के अनुसार अभ्यर्थी आवंटित हो जाने के बाद वह केंद्र गैर-दिव्यांग अभ्यथियों के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा, जबकि दिव्यांग अभ्यर्थी उक्त केंद्र का चयन कर सकेंगे। जहां भी आवश्यकता होगी, अभ्यर्थियों के बैठने के लिए अतिरिक्त सीट की व्यवस्था की जाएगी।

यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के परीक्षा केंद्र के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि कुछ केंद्र आवेदनों की अधिक संख्या के कारण बहुत शुरुआती चरण में अधिकतम क्षमता तक पहुंच जाते हैं।

इससे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कठिनाइयां पैदा होती हैं। इन केंद्रों में दिल्ली, कटक, पटना और लखनऊ शामिल हैं। संशोधित व्यवस्था के तहत प्रत्येक दिव्यांग अभ्यर्थी को उनका पसंदीदा परीक्षा केंद्र सुनिश्चित हो सकेगा।

नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू

यूपीएससी ने आवेदन जमा करने और परीक्षा आयोजित करने के लिए एक नया आनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना है। आयोग ने बुधवार को सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी की थी। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 933 रिक्तियां भरी जाएंगी, जिनमें दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित 33 पद शामिल हैं।

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