सहारनपुर, संवाददाता : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला डॉ. आदिल पश्चिमी यूपी में गुपचुप तरीके से नेटवर्क तैयार कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने फरीदाबाद से विस्फोटक सामग्री बरामद की। अब मरीजों और संपर्कों की भी जांच हो रही है।
सहारनपुर के डॉक्टर के वेश में छिपे खतरनाक मंसूबों का खेल अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। अनंतनाग का रहने वाला डॉ. आदिल अहमद सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल में नौकरी कर रहा था। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद जैसे-जैसे पूछताछ का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे आतंकी नेटवर्क से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं।
फरीदाबाद में आदिल की निशानदेही पर विस्फोटक पदार्थ और हथियारों का बड़ा जखीरा मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आदिल पश्चिमी यूपी में अपना नेटवर्क तैयार कर रहा था। वह कई डॉक्टरों और युवकों से संपर्क में था, जिनमें कुछ मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े नहीं थे।
डॉ. आदिल के संपर्कों की जांच
एजेंसियों को शक है कि वह अस्पताल के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने या जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा था। ओपीडी रिकॉर्ड, मिलने वाले मरीजों की लिस्ट और वित्तीय लेनदेन का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या इलाज के बहाने किसी तरह की विचारधारा या नेटवर्क से जुड़ाव का प्रयास किया गया था।
सहारनपुर को चुना रणनीतिक ठिकाना
सूत्रों के अनुसार, डॉ. आदिल ने सहारनपुर को अपने ठिकाने के रूप में इसलिए चुना क्योंकि यह जिला एयरफोर्स स्टेशन, एयरपोर्ट, रिमाउंट डिपो और दारुल उलूम जैसे संवेदनशील स्थानों के करीब है। भौगोलिक दृष्टि से यह हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल की सीमाओं से जुड़ा हुआ है, जिससे गतिविधियां छिपाना आसान था।
बॉर्डर सील, सुरक्षा कड़ी
दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद सहारनपुर समेत पूरे वेस्ट यूपी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। गंगोह क्षेत्र के दौलतपुर घाट और चौसाना बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। एटीएस और स्थानीय पुलिस टीमें वाहनों की सघन जांच कर रही हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय में हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अब तक कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है और कुछ को गोपनीय स्थानों पर हिरासत में लिया गया है।
