लखनऊ, संवाददाता :चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश में दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी करेगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि सूची में शामिल 1.04 करोड़ को नोटिस भेजा जाएगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है। जिन्हें नोटिस मिलेगा, उन्हें मान्य 12 दस्तावेज में किसी एक को पेश करना होगा।
ये दस्तावेज पेश नहीं कर पाने वालों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे। मतदाता सूची में राज्य के सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रक्रिया में एक लाख 72 हजार 486 बूथ शामिल किए गए थे। इसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों ने भी मदद की।
अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो क्या करें ?
मसौदा सूची में आपका नाम नहीं है या फिर आपके परिवार के किसी गैर-मौजूद व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो चुनाव आयोग के समक्ष दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आयोग ने 6 फरवरी तक की समयसीमा तय की है। आप अपने नाम या पते को सही कराने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। आयोग 27 फरवरी तक इन दावों और आपत्तियों का निपटारा करेगा।
मतदाता बनने के लिए ये हैं फॉर्म
- फॉर्म 6 : नए मतदाताओं के लिए आवेदन।
- फॉर्म 6क : विदेश में निवास करने वाले मतदाताओं के लिए, बशर्ते उन्होंने वहां की नागरिकता न ली हो।
- फॉर्म 7 : वर्तमान मतदाता सूची में प्रस्तावित नाम हटाने या जोड़ने के विरुद्ध आपत्ति के लिए आवेदन।
- फॉर्म 8 : निवास स्थान परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, EPIC प्रतिस्थापन, दिव्यांग चिह्नांकन के लिए आवेदन
- पात्र नागरिक आवेदन पत्र स्थानीय वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in से भी प्राप्त कर सकते हैं।
कैसे जानें मसौदा सूची में नाम है या कट गया
इसके लिए voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर Search in Electoral Roll पर क्लिक करें। अपने नाम, पिता के नाम या अपनी वोटर आईडी संख्या (ईपीआईसी) दर्ज करके स्थिति जान सकते हैं।
- इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन एप का इस्तेमाल करके भी पता लगाया जा सकता है कि मसौदा सूची में आपका नाम है या नहीं। अगर ऑफलाइन जानकारी लेना चाहते हैं, तो अपने क्षेत्र के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के पास जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- अंतिम सूची से नाम हटाने की जानकारी सार्वजनिक होगी
यह पूछे जाने पर कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं के नाम क्या गृह विभाग को भेजे जाएंगे, तो रिणवा ने कहा कि ऐसा नहीं होगा। अलबत्ता ऐसे मतदाताओं का ब्योरा आयोग सार्वजनिक करेगा।
