शिमला, एनएआई : ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर करने और घरों में बराबर पानी देने वाले कर्मचारी, पैराफिटर, पंप ऑपरेटर पुरस्कृत होंगे। सरकार की ओर से इन्हें सम्मान दिया जाएगा। पानी की सप्लाई में गड़बड़ी करने वाले कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे। हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग के इंजीनियर अब पानी की सप्लाई को लेकर पंचायत प्रधानों से बात करेंगे। जल शक्ति विभाग में 4,500 पदों को भरा जा रहा है। इसमें पैराफिटर, मल्टी टास्क वर्कर, पंप आपरेटर आदि शामिल हैं। इससे कर्मचारियों की की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
यह बात जल शक्ति विभाग में पहली महिला इंजीनियर इन चीफ(ईएनसी) बनीं अंजू शर्मा ने कही है। मंगलवार को हुई बातचीत में अंजू शर्मा ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल लगाया गया है। उन्हें जानकारी है कि कई घरों में पानी नहीं आ रहा है। विभाग पानी की नई स्कीमों को बना रहा है। इसके अलावा कई स्कीमों के स्तरोन्नयन का काम चला हुआ है। सारी व्यवस्था पटरी पर आएगी। लोगों को साफ पानी देना जल शक्ति विभाग का काम है। हिमाचल की पंचायतों को सीवरेज से जोड़ा जा रहा है। किसानों और बागवानों का कृषि की ओर ज्यादा रुझान बढ़ रहा है। ऐसे में सिंचाई स्कीमों पर ध्यान देने की जरूरत है।
हर माह में एक बार पंचायतों में होंगी बैठकें
अंजू शर्मा ने कहा कि महीने में एक बार पंचायत व कस्बों में बैठकें की जाएंगी। इसमें जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर या फिर सहायक अभियंता उपस्थित रहेंगे। इसमें पानी को लेकर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी। लोगों की जो भी परेशानी होगी, उसे दूर किया जाएगा।
